पेपर लीक की लगातार सामने आ रही घटनाओं के विरोध में सोमवार को बरेली में छात्रों और युवाओं ने 'युवा आक्रोश मार्च' निकालकर प्रदर्शन किया। परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में प्रतिभागियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
दामोदर स्वरूप पार्क में हुई सभा
परिवर्तनकामी छात्र संगठन के शहर सचिव कैलाश के नेतृत्व में दामोदर स्वरूप पार्क में छात्रों और युवाओं की सभा आयोजित की गई। सभा के बाद प्रदर्शनकारी अय्यूब खां चौराहे तक 'युवा आक्रोश मार्च' निकालते हुए पहुंचे और विभिन्न मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
सरकार पर लगाए आरोप
सभा का संचालन करते हुए संगठन की दिशा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों और युवाओं का विश्वास खो चुकी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र और युवा पिछले एक माह से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।संगठन की निशा ने आरोप लगाया कि बार-बार हो रहे पेपर लीक सरकार की विफलता को दर्शाते हैं और इसकी जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन
प्रदर्शन को क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के हिमांशु, इंकलाबी मज़दूर केंद्र के शहर सचिव ध्यान चंद्र मौर्या तथा ऑटो रिक्शा टेंपो चालक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णपाल समेत कई संगठनों ने समर्थन दिया। वक्ताओं ने छात्रों, युवाओं और मेहनतकश वर्ग की समस्याओं पर एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
छात्रों ने जताई चिंता
बरेली कॉलेज के छात्र देवाशीष ने कहा कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से छात्र और अभिभावक मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मार्च के समापन पर शहर सचिव कैलाश ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो देशभर के युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेंगे।कार्यक्रम में साक्षी, राजन सक्सेना, अमित, प्रकुल, वरुण सक्सेना, गुंजन, प्रियंका, श्वेता, सोमवती, आदित्य सिंह, सौरभ पटेल, कमल सिंह, कुलदीप, अरविंद शुक्ला, उमेश, देवेश, मोइनुद्दीन, महिपाल, इम्तियाज सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा और समर्थक मौजूद रहे।