बिहार के गया में सोनम वांगचुक के समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने गांधी मैदान से समाहरणालय तक पैदल मार्च निकालकर अपनी मांगों को बुलंद किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और विभिन्न मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया गया।
नीट परीक्षा और युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कथित परीक्षा गड़बड़ियों ने हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इस पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता है।
बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे छात्र
हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर लिए छात्र गांधी मैदान से पैदल मार्च करते हुए समाहरणालय पहुंचे। पूरे रास्ते उन्होंने नारों के माध्यम से अपनी मांगें रखीं और सरकार से जवाबदेही की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान यातायात हुआ प्रभावित
प्रदर्शन के चलते शहर की कई प्रमुख सड़कों पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को जाम का सामना करना पड़ा।
पुलिस की निगरानी में शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल की तैनाती रही। पुलिस की निगरानी में पूरा मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
छात्रों ने सरकार से की ये मांग
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि यह आंदोलन केवल सोनम वांगचुक के समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के युवाओं की आवाज है। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था, युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।