महिला आरक्षण कानून को बिना शर्त लागू करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) ने मंगलवार को आरा में मार्च निकाला। यह मार्च भाकपा-माले जिला कार्यालय, श्रीटोला से शुरू होकर बस स्टैंड पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।
महिला आरक्षण कानून जल्द लागू करने की मांग
मार्च के दौरान ऐपवा ने मांग की कि महिला आरक्षण कानून को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग करते हुए संसद की वर्तमान सीटों के आधार पर तत्काल लागू किया जाए। संगठन ने महिला आरक्षण के भीतर पिछड़ा, अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित समुदायों की महिलाओं के लिए भी उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा की राष्ट्रीय पार्षद एवं जिला सचिव इंदू सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण कानून को परिसीमन और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने जैसे राजनीतिक मुद्दों से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में अनावश्यक देरी हो रही है। वहीं, ऐपवा की राष्ट्रीय पार्षद एवं नगर सचिव संगीता सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण को विवादास्पद परिसीमन के मुद्दे से अलग कर तत्काल लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण में लगातार देरी की जा रही है।
छात्र आंदोलन और जीविका दीदियों के मुद्दे का भी उठाया समर्थन
ऐपवा की राष्ट्रीय पार्षद एवं नगर अध्यक्ष शोभा मंडल ने अपने संबोधन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र-युवा आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जीविका दीदियों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी संगठन उनकी आवाज उठाता रहेगा और उनके हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
बड़ी संख्या में महिलाएं रहीं मौजूद
कार्यक्रम में इंदू सिंह, संगीता सिंह, शोभा मंडल, संध्या पाल, कलावती देवी, आरती कुमारी, ज्ञान्ती देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाओं और संगठन की कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।