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रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन खरीदना है? जानिए फायदे, जोखिम और खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान

प्रकाशित: 22-07-2026, 07:57 AM
रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन खरीदना है? जानिए फायदे, जोखिम और खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान
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आज प्रीमियम स्मार्टफोन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। जहां कुछ साल पहले 20 से 25 हजार रुपये में फ्लैगशिप जैसे फीचर्स मिल जाते थे, वहीं अब हाई-एंड स्मार्टफोन की कीमत 70 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। ऐसे में कम बजट में बेहतर फोन खरीदने के लिए लोग रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

क्या होता है रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन?

रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन वह डिवाइस होता है जिसे पहले किसी ग्राहक ने खरीदा होता है, लेकिन किसी कारणवश वापस कर दिया गया हो या ट्रेड-इन प्रोग्राम के तहत एक्सचेंज किया गया हो। इसके बाद कंपनी या अधिकृत रिफर्बिशर फोन की पूरी जांच करता है। जरूरत पड़ने पर खराब हार्डवेयर बदले जाते हैं, नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जाता है और कई गुणवत्ता परीक्षणों के बाद फोन दोबारा बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

सेकंड-हैंड फोन से कैसे अलग है?

रिफर्बिश्ड फोन सामान्य सेकंड-हैंड फोन से अलग होते हैं। इन्हें तकनीकी जांच और रिपेयर के बाद बेचा जाता है। कई मामलों में इन पर 6 महीने से 1 साल तक की वारंटी भी मिलती है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त भरोसा मिलता है।

रिफर्बिश्ड फोन खरीदने के फायदे

क्या रिफर्बिश्ड फोन सुरक्षित होते हैं?

यदि आप किसी सर्टिफाइड रिफर्बिश्ड फोन को अधिकृत या भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से खरीदते हैं, तो ऐसे फोन आमतौर पर सुरक्षित और भरोसेमंद होते हैं। इन्हें स्क्रीन, कैमरा, स्पीकर, माइक्रोफोन, बैटरी, सेंसर, चार्जिंग पोर्ट और नेटवर्क जैसी कई तकनीकी जांचों से गुजारा जाता है। जरूरत पड़ने पर खराब पार्ट्स बदल दिए जाते हैं।

खरीदने से पहले ग्रेडिंग जरूर समझें

रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन आमतौर पर तीन ग्रेड में उपलब्ध होते हैं।

यदि बजट अनुमति देता है तो ग्रेड A या ग्रेड B फोन खरीदना बेहतर विकल्प माना जाता है।

हमेशा भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से खरीदें

फोन खरीदते समय केवल कम कीमत पर ध्यान न दें। ऐसे प्लेटफॉर्म का चयन करें जो फोन की टेस्टिंग, वारंटी और रिटर्न पॉलिसी प्रदान करते हों। अनजान वेबसाइट या लोकल विक्रेता से खरीदने पर नकली पार्ट्स या खराब डिवाइस मिलने का जोखिम बढ़ जाता है।

वारंटी और रिटर्न पॉलिसी जरूर जांचें

रिफर्बिश्ड फोन खरीदते समय कम से कम 6 महीने की वारंटी और स्पष्ट रिटर्न पॉलिसी जरूर देखें। इससे शुरुआती दिनों में किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में फोन बदलवाना आसान हो जाता है।

IMEI नंबर की जांच करना न भूलें

फोन का IMEI नंबर डायलर में *#06# डायल करके देखा जा सकता है। फोन, बिल और बॉक्स (यदि उपलब्ध हो) पर लिखा IMEI नंबर एक जैसा होना चाहिए। अलग-अलग IMEI मिलने पर ऐसा फोन खरीदने से बचें।

चोरी का फोन तो नहीं? पहले पुष्टि करें

फोन के साथ मूल खरीदारी का बिल या वैध इनवॉइस अवश्य लें। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि फोन चोरी का नहीं है। साथ ही मॉडल नंबर, स्टोरेज और हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन की भी जांच करें ताकि नकली डिवाइस से बचा जा सके।

बैटरी हेल्थ जरूर जांचें

रिफर्बिश्ड फोन में बैटरी सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। यदि संभव हो तो बैटरी हेल्थ रिपोर्ट देखें। सामान्यतः 80 प्रतिशत या उससे अधिक बैटरी हेल्थ बेहतर मानी जाती है।

नेटवर्क लॉक और सभी फीचर्स टेस्ट करें

यदि फोन विदेश से आया है तो यह किसी विदेशी नेटवर्क पर लॉक हो सकता है। खरीदने से पहले सुनिश्चित करें कि फोन भारतीय नेटवर्क पर पूरी तरह अनलॉक हो। साथ ही कैमरा, स्पीकर, माइक्रोफोन, फिंगरप्रिंट सेंसर, फेस अनलॉक, ब्लूटूथ, वाई-फाई, जीपीएस और चार्जिंग पोर्ट जैसी सभी सुविधाओं को अच्छी तरह जांच लें।

बॉक्स और एक्सेसरीज बोनस हैं, प्राथमिकता नहीं

यदि फोन के साथ ओरिजिनल चार्जर, केबल और बॉक्स मिल रहे हैं तो यह अतिरिक्त लाभ है। हालांकि खरीदारी का फैसला केवल एक्सेसरीज देखकर न करें। फोन की वास्तविक स्थिति, वारंटी और तकनीकी जांच सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है।

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