दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किए जाने वाले 24 घंटे के सत्याग्रह को अनुमति नहीं मिलने पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने धरना शुरू कर दिया। सपा नेताओं ने प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस पर टेंट और साउंड सिस्टम हटाने का आरोप
सपा नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने सत्याग्रह की अनुमति नहीं दी और कार्यक्रम स्थल से टेंट व साउंड सिस्टम हटवा दिया। साथ ही धरना स्थल के गेट पर ताला लगाए जाने का भी आरोप लगाया गया। इसे लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी देखने को मिली।
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में था सत्याग्रह
सपा के अनुसार, यह 24 घंटे का सत्याग्रह दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किया जाना था। पार्टी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति न देना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
धरने पर बैठे कई सपा विधायक
अनुमति न मिलने के विरोध में कई सपा विधायक और वरिष्ठ नेता धरने पर बैठ गए। धरना स्थल पर विधायक अमिताभ बाजपेई, पूर्व विधायक इरफान सोलंकी और विधायक मोहम्मद हसन रूमी समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान पुलिस और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। फिलहाल मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।