देशभर में परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन तेज है। इसी बीच अभिनेता और फिल्मकार आर. माधवन ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए छात्रों के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है। सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए तथा पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
'शिक्षा देश का भविष्य तय करती है'
आर. माधवन ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि शिक्षा किसी भी देश के भविष्य की नींव होती है। उन्होंने कहा कि हर छात्र को ऐसी परीक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए जो पूरी तरह साफ-सुथरी, निष्पक्ष और ईमानदारी पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं सिर्फ परीक्षा नहीं बिगाड़तीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों की वर्षों की मेहनत, उम्मीदों और सपनों को भी तोड़ देती हैं। खासकर भारत जैसे देश में, जहां शिक्षा बेहतर भविष्य का सबसे बड़ा माध्यम मानी जाती है।
सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग
माधवन ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को ऐसी सजा मिले, जिससे भविष्य में कोई भी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार इस व्यवस्था में सुधार करेगी और परीक्षा प्रणाली की पवित्रता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
छात्रों से बोले- हिम्मत मत हारिए
आर. माधवन ने छात्रों और युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना आत्मविश्वास और हौसला न खोएं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मेहनत और काबिलियत किसी भी सिस्टम की कमियों से कहीं बड़ी है। उन्होंने युवाओं से अपनी मेहनत जारी रखने और अपने लक्ष्य पर विश्वास बनाए रखने की अपील की।
शांतिपूर्ण आंदोलन का किया समर्थन
अपने संदेश में माधवन ने उन छात्रों और युवाओं की सराहना की जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि आंदोलन के दौरान ऐसे लोगों से सतर्क रहें जो इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिक या व्यक्तिगत फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार है और वह युवाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, समाज और युवाओं के सामूहिक प्रयास से देश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत बनेगी।