दिल्ली में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच टीवी अभिनेत्री रुपाली गांगुली का बयान चर्चा में है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट साझा करते हुए छात्रों की निष्पक्ष परीक्षा की मांग का समर्थन किया, लेकिन आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर सवाल उठाए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
'हिंसा करने वालों को छात्र नहीं कहा जा सकता'
रुपाली गांगुली ने अपने पोस्ट में लिखा कि जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और पुलिस पर हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। उनके अनुसार, ऐसे कदम किसी भी जायज और शांतिपूर्ण आंदोलन को कमजोर कर देते हैं।
पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग
अभिनेत्री ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ छात्रों की न्याय की मांग पूरी तरह उचित है। हर छात्र का अधिकार है कि उसे निष्पक्ष परीक्षा मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी लिखा कि हाल के मामलों में जांच एजेंसियों ने जांच शुरू की है, कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कदम उठाने की घोषणा की गई है।
'आंदोलन का गलत फायदा न उठाएं'
रुपाली गांगुली ने अपने पोस्ट में कहा कि यदि कुछ राजनीतिक या अन्य स्वार्थ रखने वाले लोग छात्रों के आंदोलन का इस्तेमाल अपने हितों के लिए करते हैं, तो सबसे अधिक नुकसान उन छात्रों का होता है जो न्याय की उम्मीद लेकर सड़क पर उतरते हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बनाए रखें।
शांतिपूर्ण विरोध की अपील
उन्होंने कहा कि भारत अपने छात्रों और नागरिकों के साथ है। देश की लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए होनी चाहिए, न कि हिंसा, तोड़फोड़ और अराजकता के लिए। उन्होंने छात्रों से एकजुट रहने और किसी को भी उनकी भावनाओं का गलत फायदा न उठाने देने की अपील की।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
रुपाली गांगुली की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उनकी आलोचना की और कहा कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए कथित हमलों की पर्याप्त निंदा नहीं की।