उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने बलिया दौरे के दौरान पेपर लीक मामले, दोषियों पर कार्रवाई और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई केवल आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि कानून और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
'आरोप नहीं, कानून के आधार पर होगी कार्रवाई'
पेपर लीक मामले में विपक्ष द्वारा सुभासपा विधायक बेदी राम और निषाद पार्टी विधायक विपुल दुबे पर लगाए जा रहे आरोपों के सवाल पर रजनी तिवारी ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी मामले में संलिप्त पाया जाता है और जांच में दोषी साबित होता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में कानून का राज है और किसी के साथ केवल आरोपों के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाती।
'बीजेपी का एजेंडा जनता की सेवा'
राज्य मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा और उसके प्रति जवाबदेही निभाना है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करती है और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देती है।उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा आगामी चुनावों में भी बेहतर प्रदर्शन करेगी।
पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना
रजनी तिवारी ने बिना किसी दल का नाम लिए पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ऐसी राजनीति होती थी जिसमें नकल को बढ़ावा देने जैसी बातें कही जाती थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोलीं?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर रजनी तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और किसी अहंकार में नहीं रहती। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की अपेक्षाओं को देखते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, तो यह उनके बड़े दिल और जिम्मेदारी का परिचायक है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सराहना
राज्य मंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 लागू हुई, जिसे उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा सुधार बताया। उनके अनुसार, इस नीति के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं।
प्रदर्शन को लेकर भी दिया बयान
रजनी तिवारी ने यह भी दावा किया कि हाल के विरोध-प्रदर्शनों के पीछे कुछ विरोधी ताकतें सक्रिय थीं। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।