उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के स्कूल बंद होने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी परिषदीय विद्यालय को बंद करने का निर्णय नहीं लिया है और सभी विद्यालय संचालित हैं।
'स्कूल बंद नहीं, कम छात्र संख्या वाले विद्यालय होंगे शिफ्ट'
संदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या बहुत कम है, वहां के विद्यार्थियों को निकटतम परिषदीय विद्यालय में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, न कि विद्यालयों को बंद करना।
रिक्त विद्यालयों में शुरू होंगी प्री-प्राइमरी कक्षाएं
बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या कम होने के कारण कक्षाओं का स्थानांतरण किया जाएगा, उन भवनों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित की जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सरकार पहली बार परिषदीय विद्यालयों में प्री-प्राइमरी शिक्षा की व्यवस्था लागू कर रही है।
अखिलेश यादव पर जनता को गुमराह करने का आरोप
संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
सपा सरकार के कार्यकाल पर साधा निशाना
बेसिक शिक्षा मंत्री ने सपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय शिक्षा व्यवस्था में कई अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि:
- वर्ष 2014 में UPSEE Solver Gang का खुलासा हुआ था।
- वर्ष 2014 में UP-CLAT प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।
- वर्ष 2015 में UPPSC पेपर लीक का मामला भी सामने आया था।
उन्होंने इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए सपा सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
शिक्षा बजट को लेकर भी किया दावा
संदीप सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में शिक्षा का बजट लगभग ₹28 हजार करोड़ था, जबकि वर्तमान योगी सरकार में इसे बढ़ाकर ₹1.13 लाख करोड़ कर दिया गया है। उनके अनुसार, यह शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।