जिले के रामनगर क्षेत्र में गोंडा-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबी दूरी की बसों को कथित तौर पर जबरन एक ढाबे पर रुकवाने वाले गैंग के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने देर रात छापेमारी कर करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच जारी है।
बस चालकों का पीछा कर वापस ढाबे ले जाने का आरोप
जानकारी के अनुसार, जरवल से सरयू नदी का पुल पार करने के बाद लंबी दूरी की बसों का कुछ लोग स्कॉर्पियो वाहन से पीछा करते थे। आरोप है कि वे बस के आगे वाहन लगाकर उसे रोकते थे और चालक पर दबाव बनाते थे कि बस को वापस मोड़कर आरएन ढाबा ले जाया जाए।
चालकों ने धमकी और मारपीट के लगाए आरोप
बस चालकों का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी। उनका कहना है कि इसी डर के कारण कई चालक बसों को कथित तौर पर मजबूरी में ढाबे पर ले जाते थे।
कथित अवैध वसूली की भी शिकायत
सूत्रों के अनुसार, यदि कोई बस चालक बस को वापस ढाबे पर ले जाने से इनकार करता था, तो उससे कथित तौर पर कुछ राशि वसूली जाती थी। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने देर रात की छापेमारी
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रामनगर पुलिस ने बुधवार देर रात कार्रवाई करते हुए करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।
पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच
थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि करीब आधा दर्जन लोगों को पकड़ा गया है, जबकि कुछ अन्य लोग फरार हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी मिल चुकी थीं शिकायतें
बताया जा रहा है कि हाईवे पर बसों को कथित तौर पर जबरन ढाबे पर रुकवाने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। पुलिस अब इस मामले में पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला हाईवे पर यात्रियों और बस संचालकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला साबित हो सकता है।