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नगर निकाय कर्मियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

प्रकाशित: 30-07-2026, 11:18 AM
नगर निकाय कर्मियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
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बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एटक) से संबद्ध बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन के बैनर तले नगर निकाय कर्मियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।

बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल

हड़ताल के समर्थन में निकाले गए प्रदर्शन में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों से जुड़े बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उनकी मांगों की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है।

कर्मचारियों ने सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं और सरकार के साथ वार्ता भी हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उनका कहना है कि इसी कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक पहल नहीं करती है तो 30 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। उनका कहना है कि सरकार की ओर से संतोषजनक पहल नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

नगर निकाय सेवाओं पर पड़ सकता है असर

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हड़ताल के दौरान नगर निकायों के कार्यालयों का कामकाज, सफाई व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी स्थिति बनती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

वेतन, नियमितीकरण समेत कई मांगें उठाईं

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार से वेतन संबंधी मुद्दों, सेवा शर्तों में सुधार, नियमितीकरण और अन्य लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और वार्ता के माध्यम से समाधान चाहते हैं।

सरकार और कर्मचारी संगठनों की वार्ता पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजरें सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच संभावित वार्ता पर हैं। यदि समय रहते कोई सहमति नहीं बनती है, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर राज्य के कई नगर निकायों की दैनिक सेवाओं पर पड़ सकता है।

 
 
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