बाढ़: सावन माह के पहले दिन बाढ़ स्थित प्रसिद्ध उमानाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान बिहार के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार भी उमानाथ घाट पहुंचे। उनके साथ बाढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह 'ज्ञानू' भी मौजूद रहे।
उमानाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना
नीतीश कुमार ने सबसे पहले उमानाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। सावन के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे।
घाट पर चल रहे विकास कार्यों का किया निरीक्षण
पूजा-अर्चना के बाद नीतीश कुमार ने उमानाथ घाट और आसपास के परिसर में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया।
घाट के विकास पर पहले स्वीकृत हो चुकी है राशि
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, उमानाथ घाट के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए पहले स्वीकृत परियोजना के तहत निर्माण कार्य जारी है। घाट को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनाने की दिशा में विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं।
सावन के पहले दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सावन की शुरुआत के साथ ही हजारों श्रद्धालु गंगा से जल भरकर विभिन्न शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए रवाना हुए। उमानाथ घाट पर सुबह से ही आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क
नीतीश कुमार के आगमन और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मौके पर अनुमंडल प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही। साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी भी व्यवस्थाओं की निगरानी करते नजर आए।
आस्था और विकास का दिखा संगम
सावन के पहले दिन उमानाथ घाट पर धार्मिक आस्था के साथ विकास कार्यों की भी चर्चा रही। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।