बिहार सरकार का गन्ना उद्योग विभाग राज्य में गन्ना क्षेत्र के विस्तार के साथ-साथ प्रति हेक्टेयर उत्पादन और चीनी रिकवरी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दे रहा है। विभाग का कहना है कि लक्ष्य केवल खेती का रकबा बढ़ाना नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीकों के जरिए उत्पादकता और किसानों की आय में सुधार करना भी है।
चरणबद्ध तरीके से बढ़ेगा गन्ना क्षेत्र
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एक चीनी मिल के सफल संचालन के लिए औसतन 40 हजार एकड़ गन्ना क्षेत्र की आवश्यकता होती है। हालांकि, राज्य की अधिकांश कृषि भूमि को केवल एक ही फसल के लिए उपयोग करना व्यावहारिक नहीं है। इसी कारण गन्ना क्षेत्र का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
चीनी रिकवरी दर में हुआ सुधार
गन्ना उद्योग विभाग ने बताया कि मौजूदा सीजन में चीनी रिकवरी दर लगभग 10.3 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। विभाग के अनुसार यह राष्ट्रीय औसत के अनुरूप है। अब सरकार का लक्ष्य प्रति हेक्टेयर उत्पादन और रिकवरी दर दोनों को और बेहतर बनाना है।
उन्नत किस्मों और आधुनिक तकनीक पर जोर
विभाग का कहना है कि गन्ने की फसल को रोगों से बचाने और बेहतर उत्पादन के लिए उन्नत किस्मों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया जा रहा है।
ICAR संस्थानों के साथ मिलकर हो रहा काम
गन्ना उद्योग विभाग ने बताया कि ICAR–Sugarcane Breeding Institute और ICAR–Indian Institute of Sugarcane Research के सहयोग से नई गन्ना प्रजातियों के परीक्षण, टिशू कल्चर आधारित बीजों के विकास और आधुनिक खेती तकनीकों को बढ़ावा देने का कार्य जारी है।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस
विभाग का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना, गन्ना उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाना और बिहार के चीनी उद्योग को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करना है।