मथुरा: जनपद में कथित अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मथुरा से गोवर्धन मार्ग तक विकसित हो रही नई कॉलोनियों को लेकर स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
बिना स्वीकृति कॉलोनियां विकसित होने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई स्थानों पर आवश्यक स्वीकृति और मानचित्र के बिना भू-विभाजन तथा निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का संभावित नुकसान हो सकता है।
बार-बार शिकायत, कार्रवाई नहीं होने का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) और अन्य संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित और ऑनलाइन शिकायतें भेजीं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य जारी है।
सुनियोजित विकास पर असर की आशंका
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बिना स्वीकृति विकसित हो रही कॉलोनियां शहर के सुनियोजित विकास को प्रभावित कर सकती हैं। उनका मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं होने से नियमों के पालन पर भी सवाल खड़े होते हैं।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिन कॉलोनियों को लेकर शिकायतें की गई हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि निर्माण नियमानुसार हैं तो स्वीकृत मानचित्र और संबंधित अभिलेख सार्वजनिक किए जाएं, और यदि अनियमितताएं मिलती हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल कथित अवैध निर्माण और कॉलोनियों को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में अंतिम स्थिति संबंधित विभागों की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।