बिहार में नगर निकाय सफाई कर्मियों की राज्यव्यापी हड़ताल का असर अब बाढ़ नगर परिषद में भी दिखाई देने लगा है। शनिवार को बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों ने कामकाज बंद कर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में उन्होंने कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू किया है।
स्थायीकरण और वेतन वृद्धि की मांग
सफाई कर्मियों की प्रमुख मांगों में अस्थायी कर्मचारियों का स्थायीकरण, वेतन वृद्धि और अन्य सेवा संबंधी सुविधाएं शामिल हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
राज्यव्यापी आंदोलन का हिस्सा
सफाईकर्मी चंदन मलिक और कारू मलिक ने बताया कि यह आंदोलन बिहार के विभिन्न नगर निगमों और नगर परिषदों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि पटना में आंदोलन समाप्त होने के बाद ही बाढ़ में भी काम पर लौटने का निर्णय लिया जाएगा।
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
हड़ताल के चलते शहर में नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। यदि आंदोलन लंबे समय तक जारी रहता है, तो सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार के निर्णय पर टिकी निगाहें
फिलहाल सफाई कर्मियों और सरकार के बीच समाधान की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।