क्रिकेटर उत्कर्ष द्विवेदी ने अपनी मां की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और इलाज करने वाले डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फर्जी डॉक्टर होने का लगाया आरोप
उत्कर्ष द्विवेदी का दावा है कि उनकी मां का इलाज करने वाले डॉक्टर के पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना आवश्यक योग्यता के इलाज किया गया, जिससे उनकी मां की जान चली गई।
अस्पताल को लेकर भी उठाए सवाल
उत्कर्ष ने आरोप लगाया कि संबंधित अस्पताल नियमों का पालन किए बिना संचालित हो रहा था। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
KDA जांच का हवाला
उत्कर्ष द्विवेदी ने दावा किया कि KDA की जांच में यह सामने आया है कि संबंधित अस्पताल पिछले दो वर्षों से बिना स्वीकृत नक्शे के संचालित हो रहा था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की अंतिम रिपोर्ट से होगी।
CMO पर लगाए गंभीर आरोप
क्रिकेटर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) पर भी मामले में दबाव और समझौते (सेटलमेंट) की कोशिश का आरोप लगाया। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
न्याय नहीं मिलने पर आमरण अनशन की चेतावनी
उत्कर्ष द्विवेदी ने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन शुरू करेंगे।