गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद हरदोई के पाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि घायलों को अस्पताल लाए जाने के बाद काफी देर तक कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था।
घायलों के इलाज में देरी का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद घायलों को पाली पीएचसी पहुंचाया गया, लेकिन वहां करीब एक घंटे तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। इस दौरान चालक और अस्पताल के एक सफाईकर्मी ने घायलों को प्राथमिक सहायता देने का प्रयास किया।
वीडियो सामने आने का दावा
स्थानीय लोगों का दावा है कि घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अस्पताल की स्थिति और कथित अव्यवस्था दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अस्पताल के ड्यूटी रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित चिकित्सकों की उपस्थिति की जांच कराई जाए। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हादसे में दो लोगों की मौत, तीन घायल
गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेसवे पर एक अर्टिगा कार आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई थी। हादसे में चालक पवन शुक्ला और ढाई वर्षीय हार्दिक की मौत हो गई, जबकि आलोक मिश्रा, पूजा मिश्रा और जटाशंकर शुक्ला गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज हरदोई में चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि डॉक्टर की कथित अनुपस्थिति का घायलों की मृत्यु या उनकी स्थिति पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा या नहीं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।