उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के कुरारा ब्लॉक के कुसमरा गांव में अन्ना (बेसहारा) पशुओं की समस्या को लेकर ग्रामीणों और किसानों ने गौशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। किसानों का कहना है कि गौशालाओं के संचालन के बावजूद बड़ी संख्या में बेसहारा पशु खेतों में घूम रहे हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
गौशाला में केवल सूखा भूसा मिलने का दावा
स्थानीय लोगों का दावा है कि गौशाला में बंद गोवंशों के लिए केवल सूखा भूसा उपलब्ध कराया जा रहा है। उनका कहना है कि हरा चारा, दाना और अन्य आवश्यक पशु आहार की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
फसलों को नुकसान पहुंचने से किसान चिंतित
किसानों का कहना है कि दिनभर मेहनत से बोई गई फसल रात में बेसहारा पशु चरकर नष्ट कर देते हैं। उनका आरोप है कि गौशालाएं होने के बावजूद खेतों में अन्ना पशुओं की संख्या कम नहीं हो रही है।
फंड के उपयोग पर उठाए सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार गौशालाओं के लिए बजट उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन उसका पूरा लाभ धरातल पर नहीं दिख रहा। उन्होंने गौशालाओं की व्यवस्था और फंड के उपयोग की जांच की मांग की है।
बेहतर प्रबंधन की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गौशालाओं में चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो किसानों की समस्याएं और बढ़ सकती हैं।