सावन की पहली सोमवारी पर रामनगर नगर परिषद के विकास और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। झमाझम बारिश के बाद नर्मदेश्वर शिव मंदिर जाने वाली मुख्य सड़क पर जलभराव हो गया, जिससे जलाभिषेक के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
घुटनों तक पानी में होकर मंदिर पहुंचे श्रद्धालु
पहली सोमवारी के अवसर पर हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए नर्मदेश्वर शिव मंदिर पहुंचे। लेकिन मंदिर मार्ग पर जलजमाव होने के कारण उन्हें घुटनों तक भरे पानी से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ा।
पहली बारिश में खुली जलनिकासी व्यवस्था की पोल
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद विकास और बेहतर सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन पहली ही बारिश में जलनिकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आ गई। उनका आरोप है कि समय पर नालों की सफाई और उचित ड्रेनेज व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष यही स्थिति बनती है।
स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने नगर परिषद से मंदिर मार्ग पर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि सावन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं को इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए।
श्रद्धालुओं को राहत की उम्मीद
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था में सुधार किया जाए, तो भविष्य में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को ऐसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।