महुली में छह लोगों की जान लेने वाले दर्दनाक हादसे के महज 300 मीटर की दूरी पर एक और परिवार जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। मकान की हालत ऐसी है कि स्थानीय लोगों के अनुसार कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
विधवा महिला और दिव्यांग बच्चों का परिवार खतरे में
इस मकान में एक विधवा महिला अपने परिवार के साथ रहती है। परिवार के अनुसार, उनका बड़ा बेटा और बेटी दोनों दिव्यांग हैं। घर की दीवारों में गहरी दरारें हैं और छत भी काफी जर्जर हो चुकी है, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
आवास योजना का लाभ नहीं मिलने का आरोप
परिवार का आरोप है कि उन्होंने कई बार सरकारी आवास योजना के लिए आवेदन किया और संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन अब तक उन्हें किसी योजना का लाभ नहीं मिल सका।
महुली हादसे के बाद उठे बड़े सवाल
हाल ही में महुली हादसे में मृतकों के परिजनों को प्रशासन की ओर से राहत राशि दी गई। इसके बाद स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि हादसे से पहले जर्जर मकानों की पहचान कर उनमें रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं पहुंचाया गया।
ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर मकान का तत्काल सर्वे कराया जाए और परिवार को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ भी जल्द दिया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।