सीतापुर: महमूदाबाद में खाद वितरण व्यवस्था और केंद्र सरकार की प्रस्तावित "फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर" योजना के विरोध में सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन किया। पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी अम्ब्रीश गुप्ता के नेतृत्व में किसानों ने जुलूस निकालकर तहसील पहुंचते हुए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
जुलूस निकालकर तहसील पहुंचे किसान
प्रदर्शन रामकुंड चौराहे से शुरू होकर कोतवाली मार्ग, बस स्टैंड, बजाजा चौराहा और चिकमंडी होते हुए तहसील परिसर पहुंचा। इस दौरान किसानों ने हाथों में केला की घार, मक्का, धान के पौधे, केला का पौधा और यूरिया की बोरी लेकर प्रदर्शन किया तथा अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
योजना वापस लेने की मांग
किसानों ने मांग की कि "फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर" योजना को तत्काल वापस लिया जाए। उनका कहना है कि पहले सभी किसानों की खतौनी में अंश निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाए, उसके बाद ही किसान रजिस्ट्री के आधार पर खाद वितरण व्यवस्था लागू की जाए।
ऑनलाइन व्यवस्था पर भी जताई आपत्ति
प्रदर्शनकारी किसानों ने खाद की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि अधिकांश किसान स्मार्टफोन और डिजिटल सुविधाओं से वंचित हैं। उनका कहना है कि ऐप आधारित व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है और इससे किसानों को खाद लेने में परेशानी होगी।
खाद की कीमतों और उपलब्धता पर उठाए सवाल
किसानों ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर खाद निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बेची जा रही है। साथ ही नई व्यवस्था में खाद की उपलब्धता और अधिकृत विक्रेताओं की जानकारी भी किसानों को समय पर नहीं मिल पा रही है।
लघु किसानों के लिए रखीं अतिरिक्त मांगें
ज्ञापन में छोटे किसानों को फुटकर में खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण पलायन रोकने के उद्देश्य से प्रत्येक पात्र लघु किसान को एक-एक भैंस उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई।
सैकड़ों किसान रहे मौजूद
प्रदर्शन में रमेश चंद्र वर्मा, राजकुमार पोरवाल, रामआधार वर्मा, अभिनीत वर्मा, शिवम सक्सेना, अमरेंद्र मिश्रा, रिंकू सोनी, मनोज वर्मा, शतीश चंद्र समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
सरकार से जल्द निर्णय की मांग
प्रदर्शन के बाद किसानों ने सरकार से उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। फिलहाल प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया गया है और किसान सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।