झारखण्ड/पलामू। झारखंड में भाजपा द्वारा आहूत बंद को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। झारखंड कांग्रेस कमेटी के राज्य सचिव सह पूर्व जिला अध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने दावा किया कि भाजपा का झारखंड बंद पूरी तरह विफल रहा। उन्होंने कहा कि बंद को छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और आम जनता का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
बिट्टू पाठक ने कहा कि भाजपा की ओर से छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर बंद का आह्वान किया गया था, लेकिन धरातल पर आम लोगों की भागीदारी दिखाई नहीं दी। उनके अनुसार, सुबह के समय भाजपा के कार्यकर्ता ही सड़क पर नजर आए और बंद के समर्थन में छात्रों या स्थानीय आम लोगों की मौजूदगी नहीं दिखी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बंद को सफल बनाने के लिए भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर टायर जलाए और मार्ग बाधित करने का प्रयास किया। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पलामू समेत झारखंड के कई इलाकों में बंद का व्यापक असर नहीं रहा और आम जनजीवन सामान्य रूप से चलता रहा।
छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप
कांग्रेस राज्य सचिव बिट्टू पाठक ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर स्वतंत्र रूप से आंदोलन कर रहे हैं और भाजपा द्वारा उन्हें अपने आंदोलन का हिस्सा बताने का दावा वास्तविकता से परे है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को छात्रों और युवाओं की समस्याओं को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय उनके हितों के लिए सकारात्मक पहल करनी चाहिए। शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में सभी राजनीतिक दलों को मिलकर पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए।
'बंद को जनता ने नकार दिया'
बिट्टू पाठक ने कहा कि भाजपा ने जिस बंद का आह्वान किया था, उसे जनता ने पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान आम लोगों की अपेक्षित भागीदारी नहीं रही और भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों या छात्रों की मौजूदगी नजर नहीं आई।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा द्वारा बंद को लेकर किए गए जनसमर्थन के दावे और जमीनी स्थिति में अंतर साफ दिखाई दिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी मुद्दे को लेकर आंदोलन करना राजनीतिक दलों का अधिकार है, लेकिन जनता की भागीदारी के बिना किसी बंद को सफल बताना उचित नहीं है।
शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के मुद्दे पर राजनीति नहीं हो : कांग्रेस
कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे बेहद संवेदनशील हैं। ऐसे मामलों में राजनीति करने के बजाय सभी दलों को छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित संस्थाओं को शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान करने तथा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
बिट्टू पाठक ने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर हमेशा गंभीर रही है और उनके अधिकारों एवं भविष्य से जुड़े विषयों पर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी।