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बिहार में जमीन के पेपरलेस निबंधन की नई व्यवस्था से आसान, सुरक्षित और पारदर्शी होगी भूमि रजिस्ट्री

प्रकाशित: 13-08-2026, 05:23 PM
Bihar Land Registry
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बिहार सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए डिजिटल और पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू की है। Home Registry Digital System के तहत भूमि निबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं को कागजी कार्यवाही से हटाकर डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने 11 जुलाई 2026 को वैशाली (हाजीपुर) स्थित जिला निबंधन कार्यालय में इस व्यवस्था के तहत होम रजिस्ट्रेशन, भूमि की ऑनलाइन जांच, पेपरलेस निबंधन और GIS आधारित स्थल निरीक्षण जैसी सेवाओं की शुरुआत की। इसी दौरान वरिष्ठ नागरिकों के लिए मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट भी शुरू की गई।

पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और पेपरलेस

नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जमीन की रजिस्ट्री में होने वाली कागजी औपचारिकताओं को कम करना और नागरिकों को डिजिटल माध्यम से अधिक सुविधाजनक सेवाएं देना है। इसमें दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन, ऑनलाइन सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी जा रही है।

निबंधन विभाग की मौजूदा ऑनलाइन व्यवस्था में दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी अपलोड करने, निबंधन कार्यालय में आने के लिए ऑनलाइन तारीख और समय चुनने तथा निबंधित दस्तावेज की डिजिटल कॉपी डाउनलोड करने जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। नई पेपरलेस व्यवस्था इन्हीं सेवाओं को और व्यापक बनाने की दिशा में कदम है।

जमीन खरीदने से पहले ऑनलाइन जांच

नई प्रणाली में जमीन की खरीद-बिक्री से पहले उसके रिकॉर्ड और स्थिति की ऑनलाइन जांच पर विशेष जोर दिया गया है। डिजिटल रिकॉर्ड और GIS तकनीक की मदद से संबंधित भूमि की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।

इसका उद्देश्य जमीन से जुड़ी गलत या भ्रामक जानकारी के आधार पर होने वाले लेन-देन की संभावना को कम करना और भूमि विवादों को रोकने में मदद करना है।

GIS तकनीक से होगा स्थल सत्यापन

निबंधन प्रक्रिया में Geographic Information System (GIS) तकनीक के इस्तेमाल से भूमि की लोकेशन और उससे जुड़ी डिजिटल जानकारी को जोड़ा जाएगा। इससे जमीन की वास्तविक स्थिति के तकनीकी सत्यापन में मदद मिलेगी और भूमि लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

75 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को घर बैठे रजिस्ट्री

वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी सरकार ने निबंधन प्रक्रिया को आसान बनाया है। शुरुआत में 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट की सुविधा शुरू की गई थी। बाद में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने इसकी आयु सीमा घटाकर 75 वर्ष से अधिक कर दी।

इसके तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को निबंधन कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी और मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट के जरिए उनके घर पर निबंधन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उम्र या शारीरिक परेशानी के कारण कार्यालय आने में असमर्थ बुजुर्गों को विशेष राहत मिलेगी।

WhatsApp और ई-मेल पर मिलेंगे दस्तावेज

डिजिटल निबंधन व्यवस्था के तहत नागरिकों को निबंधन से संबंधित दस्तावेज डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। अब निबंधन से जुड़े दस्तावेज WhatsApp और ई-मेल के जरिए भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

इससे नागरिकों को दस्तावेज लेने के लिए बार-बार निबंधन कार्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी और डिजिटल रिकॉर्ड तक उनकी पहुंच आसान होगी।

कम होंगे निबंधन कार्यालय के चक्कर

पेपरलेस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों के समय और मेहनत को बचाना है। डिजिटल प्रक्रिया के जरिए आवेदन, दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और निबंधन से जुड़े विभिन्न चरणों को अधिक व्यवस्थित किया जा रहा है।

इस व्यवस्था से:

डिजिटल भूमि सेवाओं से जुड़ेगी निबंधन व्यवस्था

बिहार में पेपरलेस निबंधन को डिजिटल भूमि प्रशासन की अन्य सेवाओं से भी जोड़ा जा रहा है। बिहारभूमि पोर्टल पर नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेख, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, भू-लगान भुगतान, राजस्व न्यायालय, ई-मापी, भूमि उपयोग परिवर्तन, राजस्व मानचित्रों की डोर-स्टेप डिलीवरी, LPC, जमाबंदी, भू-नक्शा, मोबाइल/आधार सीडिंग और विशेष सर्वेक्षण जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं।

इस तरह निबंधन, भूमि रिकॉर्ड और राजस्व सेवाओं के डिजिटलीकरण को एक साथ जोड़कर बिहार में व्यापक डिजिटल भूमि प्रशासन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

डिजिटल व्यवस्था से भरोसेमंद होगा भूमि लेन-देन

जमीन आम नागरिकों की महत्वपूर्ण संपत्तियों में शामिल है। ऐसे में भूमि के स्वामित्व, रिकॉर्ड, लोकेशन और निबंधन से जुड़ी जानकारी को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना महत्वपूर्ण है।

सरकार का लक्ष्य तकनीक के इस्तेमाल से भूमि निबंधन को कम कागज, कम समय, कम कार्यालय चक्कर और अधिक पारदर्शिता वाली सेवा में बदलना है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने पेपरलेस निबंधन प्रणाली को Digital Bihar की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सरकारी सेवाओं को नागरिकों के लिए सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया है।

बिहार की नई पेपरलेस निबंधन व्यवस्था पारंपरिक कागजी प्रक्रिया को डिजिटल प्रणाली में बदलने के साथ-साथ जमीन की खरीद-बिक्री को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

टैग्स: #Bihar #Land Registration
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