अपनी विभिन्न मांगों और शिकायतों को लेकर 102 एंबुलेंस कर्मियों ने शनिवार को जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने क्लस्टर लीडर पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
क्लस्टर लीडर पर लगाए मनमानी और अवैध वसूली के आरोप
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि क्लस्टर लीडर राजेश कुमार ओझा कर्तव्य में लापरवाही, मनमानी, दबंगई और कथित अवैध वसूली में संलिप्त हैं। कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ड्यूटी और हाजिरी में भेदभाव का आरोप
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एंबुलेंस कर्मचारी अजीत कुमार ने आरोप लगाया कि क्लस्टर लीडर ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों की हाजिरी काट देते हैं, जबकि अपने करीबी कर्मचारियों को मनचाहे ड्यूटी प्वाइंट देकर लाभ पहुंचाया जाता है।
आपातकालीन स्थिति में सहयोग न मिलने का दावा
कर्मचारियों का आरोप है कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी क्लस्टर लीडर फोन नहीं उठाते और अपनी समस्याएं लेकर पहुंचने वाले कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया जाता है।
डीपीएम ने जांच का दिया भरोसा
जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव कुमार ने बताया कि लगभग 10 दिन पहले कर्मचारियों की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में क्लस्टर लीडर पर पद के दुरुपयोग और एंबुलेंस से कथित तेल चोरी सहित कई आरोप लगाए गए हैं।
जांच के लिए कंपनी को भेजी गई शिकायत
डीपीएम ने बताया कि कर्मचारियों की शिकायत सिविल सर्जन के माध्यम से 102 एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली जेन प्लस कंपनी के निदेशक को भेज दी गई है। साथ ही मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा।