एक्ट्रेस और मॉडल अनुष्का रंजन जल्द ही अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। अनुष्का ने साल 2021 में अभिनेता आदित्य सील से शादी की थी और अब शादी के करीब पांच साल बाद यह कपल पैरेंटहुड की नई शुरुआत करने जा रहा है। प्रेग्नेंसी की घोषणा के बाद अनुष्का ने अपने व्लॉग में अपनी IVF जर्नी और मां बनने के सफर को लेकर कई भावुक बातें साझा कीं।
'काफी समय से कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफलता नहीं मिली'
अनुष्का ने बताया कि वह लंबे समय से कंसीव करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही थी। इसके बाद उनकी बहन की सलाह पर उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया। उन्होंने कहा, "हमने सभी मेडिकल टेस्ट करवाए। मेरी एग क्वालिटी अच्छी थी और आदित्य की स्पर्म क्वालिटी भी बिल्कुल सामान्य थी। रिपोर्ट्स में कोई समस्या नहीं आई, लेकिन फिर भी मैं कंसीव नहीं कर पा रही थी।"
डॉक्टर ने दी IVF की सलाह
अनुष्का ने बताया कि वह मानसिक रूप से मां बनने के लिए पूरी तरह तैयार थीं और ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहती थीं। उन्होंने कहा, "डॉक्टर ने कहा कि अगर आप बच्चे के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहतीं, तो IVF एक अच्छा विकल्प हो सकता है। उन्होंने साफ कहा कि हममें कोई कमी नहीं है, लेकिन IVF के जरिए भी प्रेग्नेंसी संभव है।"
'IVF को लेकर समाज में आज भी टैबू है'
अनुष्का ने IVF को लेकर समाज में मौजूद सोच पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग IVF को लेकर सहज महसूस नहीं करते। एक्ट्रेस ने बताया, "जब मैं अस्पताल जाती थी, तो कई लोगों को चेहरा छिपाते हुए देखती थी। मुझे समझ नहीं आता कि इसमें शर्म की क्या बात है। हम महिलाएं हैं, हमें एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। IVF में कुछ भी गलत नहीं है।"
'150 इंजेक्शन लिए, दर्द से चीख पड़ती थी'
अपनी IVF जर्नी के मुश्किल दौर को याद करते हुए अनुष्का भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया बिल्कुल आसान नहीं थी। उन्होंने कहा, "मैंने लगभग 150 इंजेक्शन लिए। जब आदित्य मुझे इंजेक्शन लगाते थे, तो दर्द की वजह से मैं चीख पड़ती थी। कई बार चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता था। लेकिन इस पूरे सफर में मेरे परिवार ने मेरा पूरा साथ दिया।"
परिवार का मिला पूरा समर्थन
अनुष्का ने बताया कि उनके परिवार ने कभी भी IVF को लेकर उन्हें जज नहीं किया, बल्कि हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा, "मैं शुरुआत में सोच रही थी कि इस बारे में सार्वजनिक रूप से बात करूं या नहीं। लेकिन फिर लगा कि अगर मैं अपनी कहानी नहीं बताऊंगी, तो लोग इसके बारे में गलत धारणाएं ही बनाए रखेंगे।"
'IVF करवाने वाली महिलाओं को जज नहीं करना चाहिए'
अनुष्का ने उन महिलाओं के लिए भी अपनी बात रखी, जिनके पास प्राकृतिक रूप से मां बनने का विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा, "मैंने तो अपनी इच्छा से IVF चुना, लेकिन कई महिलाओं के पास नेचुरली कंसीव करने का विकल्प ही नहीं होता। इसलिए किसी भी महिला को IVF के लिए जज नहीं किया जाना चाहिए।"
IVF को लेकर जागरूकता फैलाना जरूरी
अनुष्का रंजन की यह खुली बातचीत उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो IVF जैसी प्रक्रियाओं से गुजर रही हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि मातृत्व तक पहुंचने का हर सफर अलग होता है और किसी भी महिला को उसके फैसलों के लिए शर्मिंदा महसूस नहीं कराया जाना चाहिए।