नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और आंदोलनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को आयोजित बिहार बंद का मधेपुरा में मिला-जुला असर देखने को मिला। विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज चौक पर सड़क जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
कॉलेज चौक पर छात्रों का प्रदर्शन
शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता कॉलेज चौक पर एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग भी हटा दी, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
17 प्रदर्शनकारी हिरासत में
स्थिति को देखते हुए पहले से तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क खाली कराने की कोशिश की। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 17 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर सदर थाना भेज दिया।
प्रशासन ने बताया- स्थिति नियंत्रण में
एएसपी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि 17 छात्रों को हिरासत में लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतोष कुमार, एएसपी प्रवेंद्र भारती, सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की निगरानी की और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
छात्रों ने रखीं अपनी मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों का कहना है कि उनका आंदोलन नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और विभिन्न राज्यों में आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।