बक्सर में बिहार राज्य विद्युत विभाग में कार्यरत मानव बल कर्मियों ने आर्थिक, श्रम और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। विद्युत मानव बल संगठन, बिहार के सचिव असलम इराकी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि वर्षों से कर्मियों से 12 घंटे से अधिक कार्य कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें उचित वेतन, ओवरटाइम और अन्य वैधानिक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
12 घंटे से अधिक ड्यूटी का आरोप
संगठन के अनुसार, विभाग में शिफ्ट आधारित व्यवस्था नहीं होने के कारण मानव बल और एसबीओ (SBO) कर्मियों से दिन-रात लगातार काम लिया जाता है। इससे कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। संगठन ने कहा कि श्रम कानूनों के अनुरूप कार्य व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है।
फील्ड में सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
विद्युत मानव बल संगठन का कहना है कि फील्ड में नियमित लाइनमैन की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण मानव बल कर्मियों से अकेले ही जोखिमपूर्ण कार्य कराया जाता है। इससे दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान की आशंका बनी रहती है। संगठन ने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की मांग भी की है।
17 अगस्त से आंदोलन का पहला चरण
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 17 अगस्त 2026 (सोमवार) से बिहार के सभी विद्युत मानव बल कर्मी प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक अवकाश लेंगे और केवल 8 घंटे की निर्धारित ड्यूटी करेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सरकार और विभाग से की हस्तक्षेप की अपील
विद्युत मानव बल संगठन ने राज्य सरकार, एसबीपीडीसीएल (SBPDCL), श्रम विभाग और जिला प्रशासन से श्रमिकों के हितों और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
संगठन के आंदोलन की घोषणा के बाद बक्सर समेत पूरे बिहार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। संभावित आंदोलन को लेकर आम उपभोक्ताओं में भी चिंता बढ़ गई है।