भागलपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से 18 जुलाई को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसकी जानकारी डीएलएसए की सचिव स्मृति रंजीता कुमारी ने दी। उन्होंने बताया कि इस विशेष लोक अदालत का उद्देश्य चेक बाउंस से जुड़े मामलों का त्वरित और आपसी सहमति के आधार पर निपटारा करना है।
केवल एनआई एक्ट की धारा 138 के मामलों की होगी सुनवाई
डीएलएसए सचिव ने बताया कि इस विशेष लोक अदालत में केवल परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के तहत लंबित चेक बाउंस मामलों की ही सुनवाई और निपटारा किया जाएगा। अन्य किसी प्रकार के मामलों पर इस विशेष लोक अदालत में सुनवाई नहीं होगी।
पक्षकारों को मिलेगा समझौते का अवसर
जिन पक्षकारों के मामलों को इस विशेष लोक अदालत के लिए चिन्हित किया गया है, उन्हें निर्धारित तिथि और समय पर न्यायालय परिसर में उपस्थित होकर आपसी सहमति से अपने विवाद का समाधान करने का अवसर मिलेगा।
न्यायालय की डिक्री के समान होता है लोक अदालत का निर्णय
स्मृति रंजीता कुमारी ने बताया कि लोक अदालत में हुआ समझौता न्यायालय की डिक्री के समान प्रभावी होता है। इससे पक्षकारों का समय और धन दोनों की बचत होती है तथा लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है। साथ ही विवाद का सौहार्दपूर्ण और शीघ्र समाधान संभव हो पाता है।
डीएलएसए ने की अधिक से अधिक भागीदारी की अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर ने सभी संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे 18 जुलाई को आयोजित विशेष लोक अदालत में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने चेक बाउंस (एनआई एक्ट) से जुड़े मामलों का आपसी सहमति से निपटारा कराएं।