रियलिटी शो 'लॉक अप 2' अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिनाले से पहले आए लेटेस्ट एपिसोड में कंटेस्टेंट्स को अपने सीक्रेट उजागर होने से बचाने का टास्क दिया गया। इस दौरान अभिनेत्री शिल्पा शिंदे खुद को सुरक्षित नहीं रख पाईं और उन्होंने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक खुलासा किया।
'परिवार है, लेकिन मैं अनाथ हूं'
शिल्पा शिंदे ने शो में कहा कि लोग परिवार की अहमियत की बात करते हैं, लेकिन उनका अपना अनुभव बिल्कुल अलग रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार होने के बावजूद वह खुद को 'अनाथ' महसूस करती हैं। शिल्पा ने स्पष्ट किया कि वह यह बात किसी की सहानुभूति पाने के लिए नहीं कह रही हैं।
'सर्जरी के पांचवें दिन घर से निकाल दिया गया'
अभिनेत्री ने बताया कि करीब तीन साल पहले उनके कंधे में चोट लगी थी और सर्जरी हुई थी। उनका दावा है कि सर्जरी के पांचवें दिन ही उनके भाई और मां ने उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके भाई के प्रभाव में आकर उनकी मां ने भी उनका साथ नहीं दिया।
'मुंबई में घर नहीं, होटल में रुकती हूं'
शिल्पा ने बताया कि अब जब भी वह मुंबई आती हैं तो अपने घर की बजाय होटल या शेल्टर जैसी जगहों पर ठहरती हैं। लोगों के सवाल पूछने पर वह अक्सर निजी कारणों का हवाला देती हैं, जबकि वास्तविक वजह परिवार से दूरी है।
मां से रिश्तों पर भी की बात
शिल्पा ने कहा कि काफी समय से उनकी मां से मुलाकात नहीं हुई है। दोनों के बीच केवल फोन पर बातचीत होती है। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें गलत समझ सकते हैं, लेकिन उनके अनुसार यही उनकी जिंदगी की सच्चाई है।
'मैं अपनी वसीयत लिख चुकी हूं'
शो में शिल्पा ने बताया कि उन्होंने अपनी वसीयत में यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका अपने परिवार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वह परिवार के लोगों से दोबारा बात नहीं करना चाहतीं।
शेल्टर होम बनाने का बताया सपना
शिल्पा शिंदे ने यह भी बताया कि उन्होंने 'लॉक अप 2' में हिस्सा लेने का एक बड़ा कारण समाजसेवा का सपना भी है। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में एक शेल्टर होम बनाना चाहती हैं, ताकि जिन लोगों के पास परिवार का सहारा नहीं है, उन्हें रहने और सहारा मिलने की जगह मिल सके।
सहानुभूति नहीं, सिर्फ अपनी सच्चाई रखी
अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें किसी की सहानुभूति नहीं चाहिए। उनका उद्देश्य केवल अपनी जिंदगी की सच्चाई साझा करना था। उन्होंने कहा कि परिवार होते हुए भी अकेलापन झेलने वाले लोगों का दर्द अलग होता है और वही अनुभव उन्होंने अपने जीवन में महसूस किया है।