भारत में प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए पेट्रोल में ईथेनॉल की मात्रा बढ़ाई जा रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कार के फ्यूल टैंक के आसपास बड़ी संख्या में चींटियां दिखाई दे रही हैं। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ईथेनॉल मिश्रित पेट्रोल चींटियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वायरल वीडियो में एक वाहन के फ्यूल टैंक के पास चींटियों का झुंड देखा जा सकता है। वीडियो शेयर करने वाले कुछ यूजर्स का दावा है कि ईथेनॉल फ्यूल की कथित "मीठी खुशबू" के कारण चींटियां वहां इकट्ठा हो रही हैं। वीडियो में 'E85' फ्यूल का भी जिक्र किया गया है, जिसके बाद इस दावे ने और जोर पकड़ लिया।
क्या सच में चींटियां ईथेनॉल से आकर्षित होती हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सवाल का सीधा जवाब है—नहीं। प्रयोगशालाओं में इस्तेमाल होने वाला शुद्ध एथेनॉल अपनी हल्की मीठी गंध के कारण कुछ कीटों को आकर्षित कर सकता है, लेकिन वाहनों में उपयोग होने वाला फ्यूल-ग्रेड एथेनॉल इससे पूरी तरह अलग होता है।
फ्यूल-ग्रेड एथेनॉल कैसे होता है अलग?
ईंधन में इस्तेमाल होने वाले एथेनॉल को विशेष किण्वन और आसवन प्रक्रिया से तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान उसमें मौजूद शर्करा और प्राकृतिक गंध लगभग समाप्त हो जाती है। यही वजह है कि इसमें ऐसी कोई विशेषता नहीं बचती जो चींटियों या अन्य कीटों को आकर्षित कर सके।
BPCL ने भी किया वायरल दावों का खंडन
सोशल मीडिया पर बढ़ती चर्चाओं के बाद भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि ई20 पेट्रोल और चींटियों के जमाव के बीच किसी भी तरह का वैज्ञानिक संबंध नहीं पाया गया है।
कंपनी ने क्या कहा?
BPCL के अनुसार, ईंधन-ग्रेड एथेनॉल में विशेष डिनैचरिंग एजेंट मिलाए जाते हैं, जो कीटों को दूर रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा पेट्रोल की हाइड्रोकार्बन आधारित गंध इतनी प्रभावी होती है कि वह एथेनॉल की किसी भी शेष गंध को पूरी तरह दबा देती है। कंपनी ने यह भी बताया कि ई20 पेट्रोल पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में कम वाष्प उत्पन्न करता है।
वैज्ञानिक आधार नहीं रखते वायरल दावे
BPCL और विशेषज्ञों का कहना है कि ई20 या अन्य एथेनॉल मिश्रित ईंधनों के कारण चींटियों के आकर्षित होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे दावे भ्रामक और निराधार हैं।
निष्कर्ष
अगर आपकी कार में ई20 या एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल हो रहा है, तो चींटियों के आकर्षित होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों और तेल कंपनियों के मुताबिक, इस दावे का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और वायरल वीडियो को तथ्यों के बजाय अफवाह के तौर पर देखा जाना चाहिए।