शहर के नवाबपुरा क्षेत्र में रामगंगा नदी के किनारे लगभग 200 एकड़ भूमि पर भव्य बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित किया जाएगा। नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ जैव विविधता को संरक्षित करना और शहर को एक नया हरित क्षेत्र उपलब्ध कराना है।
तीन वर्षों में लगाए गए दो लाख से अधिक पौधे
नगर निगम के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में दो लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इन पौधों की देखरेख और संरक्षण के चलते अब क्षेत्र में हरियाली स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। अधिकारियों का दावा है कि सेटेलाइट तस्वीरों में भी इस हरित क्षेत्र का विस्तार नजर आ रहा है।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से मिली प्रेरणा
इस परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरित बताया जा रहा है। नगर निगम का कहना है कि इस अभियान के तहत वृक्षारोपण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहा है।
ऋग्वेद के देवता के नाम पर होगा पार्क का नामकरण
नगर निगम की योजना के अनुसार, इस अनूठे बायोडायवर्सिटी पार्क का नाम ऋग्वेद में वर्णित वर्षा और बादलों के देवता के नाम पर रखा जाएगा। इससे पार्क को भारतीय संस्कृति और पर्यावरणीय विरासत से भी जोड़ा जाएगा।
पहले बनेगा इंटीग्रेटेड कैंपस
पार्क के विकास से पहले एक इंटीग्रेटेड कैंपस बनाया जाएगा। इसमें पुलिस चौकी, फार्मेसी और कैंटीन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी और पार्क में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
नगर आयुक्त ने दी परियोजना की जानकारी
नगर आयुक्त दिवांशु पटेल ने बताया कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। उन्होंने कहा कि पार्क विकसित होने के बाद यह न केवल शहर की हरियाली बढ़ाएगा, बल्कि लोगों के लिए प्रकृति से जुड़ने और पर्यटन के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।