अयोध्या में 6 जुलाई को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों को औपचारिक मंजूरी दे दी जाएगी। दोनों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में एसआईटी जांच शुरू होने के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
इस्तीफों पर सहमति, ट्रस्ट सदस्यों का समर्थन
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के दो-तिहाई से अधिक सदस्य और विश्व हिंदू परिषद दोनों नेताओं के इस्तीफे स्वीकार करने के पक्ष में हैं। ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य हैं, जिनमें दो सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि एक पद पहले से रिक्त है। ऐसे में वर्तमान 12 सदस्यों में से कम से कम 8 सदस्यों की सहमति मिलने पर इस्तीफे औपचारिक रूप से मंजूर हो जाएंगे।
ट्रस्ट के पुनर्गठन और नए CEO पर भी होगी चर्चा
बैठक में केवल इस्तीफों पर ही फैसला नहीं होगा, बल्कि ट्रस्ट के पुनर्गठन और नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर भी विचार किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सरकार ट्रस्ट में एक सीईओ नियुक्त करने के पक्ष में है, जिसे लेकर बैठक में विस्तृत चर्चा संभव है।
राम धन गबन विवाद के बीच पुजारियों की ड्यूटी में बड़ा बदलाव
राम धन गबन विवाद के बीच राम मंदिर प्रशासन ने पुजारियों की ड्यूटी व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया है। गर्भगृह में पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों का नया रोस्टर जारी किया गया है। अब राम मंदिर सहित कुल 18 मंदिरों में तैनात 35 पुजारियों की ड्यूटी हर 15 दिन में बदली जाएगी।
गर्भगृह में पूजा करने वाले पुजारियों का क्रम बदला
नए रोस्टर के तहत गर्भगृह में पूजा करने वाले पुजारियों के क्रम में बदलाव किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था पारदर्शिता बनाए रखने और मंदिर की नियमित व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। हालांकि, यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब राम धन गबन मामले को लेकर विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है।