उत्तर प्रदेश की 69000 शिक्षक भर्ती को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को लखनऊ स्थित बेसिक शिक्षा परिषद निदेशालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में देरी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद सूची जारी न किए जाने पर नाराजगी जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने छह सप्ताह में सूची पर पुनर्विचार का दिया था निर्देश
अभ्यर्थियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित सूची को री-विजिट (पुनर्विचार) कर छह सप्ताह के भीतर अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। उनका आरोप है कि निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बावजूद अब तक संशोधित सूची सुप्रीम कोर्ट में पेश नहीं की गई है।
21 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 21 जुलाई को प्रस्तावित है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सुनवाई से पहले भी विभाग की ओर से कोई सकारात्मक पहल या आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे उनमें असमंजस और नाराजगी है।
छह वर्षों से न्याय की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि वे पिछले छह वर्षों से लगातार अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा कर पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाना चाहिए।
विभाग से कार्रवाई की मांग
अभ्यर्थियों ने मांग की कि बेसिक शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का समयबद्ध पालन करते हुए संशोधित सूची शीघ्र अदालत में प्रस्तुत करे, ताकि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके। फिलहाल विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।