झारखण्ड/पलामू। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत अनुमंडलीय अस्पताल, छतरपुर में ‘नन्हा सा दिल’ कार्यक्रम के तहत बच्चों के हृदय स्वास्थ्य की जांच के लिए विशेष ईको परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। 6 अगस्त 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व स्क्रीनिंग के दौरान जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) के संदिग्ध पाए गए बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा Echocardiography जांच की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश अग्रवाल, RBSK मेडिकल ऑफिसर डॉ. मंसूर अली एवं डॉ. असदुल्लाह फैज़, ब्लॉक डाटा मैनेजर अमित कुमार सिंह, श्री गौरव एवं सत्य साई ट्रस्ट की टीम की मौजूदगी में हुआ।
88 बच्चों की हुई ईको जांच
शिविर के दौरान कुल 88 बच्चों का ईको परीक्षण किया गया। जांच के बाद 19 बच्चों को सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया, जबकि 10 बच्चों को कैथेटर आधारित डिवाइस क्लोजर के लिए चिन्हित किया गया। वहीं, 2 बच्चों को बेहतर उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श के लिए उच्च संस्थान रेफर किया गया।
जांच के दौरान 45 बच्चों की रिपोर्ट सामान्य पाई गई। इसके अलावा 7 बच्चों को फॉलो-अप के लिए रखा गया है, जबकि एक बच्चे का पोस्ट ऑपरेटिव फॉलो-अप किया गया। एक बच्चे को मेडिकल मैनेजमेंट के लिए चिन्हित किया गया। वहीं, एक बच्चे को ASOT टेस्ट के बाद दोबारा समीक्षा के लिए बुलाया गया। 2 बच्चे जांच के दौरान सहयोग नहीं कर सके।
समय पर पहचान और इलाज है कार्यक्रम का उद्देश्य
चिकित्सकों ने बताया कि ‘नन्हा सा दिल’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान करना और उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है। समय रहते बीमारी की पहचान होने से बच्चों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन देने में मदद मिलती है।
अस्पताल प्रबंधन ने इस जनहितकारी कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए सत्य साई ट्रस्ट की टीम, विशेषज्ञ चिकित्सकों, RBSK टीम, स्वास्थ्यकर्मियों एवं अस्पताल के सभी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा।