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राजा चौधरी ने तोड़ी चुप्पी! 93 लाख के फ्लैट और पलक तिवारी की कस्टडी पर सुनाई अपनी कहानी

प्रकाशित: 31-07-2026, 06:19 AM
राजा चौधरी ने तोड़ी चुप्पी! 93 लाख के फ्लैट और पलक तिवारी की कस्टडी पर सुनाई अपनी कहानी
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अभिनेत्री श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने तलाक के दौरान 93 लाख रुपये के फ्लैट और बेटी पलक तिवारी की कस्टडी से जुड़े विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने श्वेता तिवारी के पुराने आरोपों पर अपना पक्ष रखा और पूरे मामले को लेकर कई दावे किए।

क्या था श्वेता तिवारी का दावा?

श्वेता तिवारी ने एक पुराने इंटरव्यू में दावा किया था कि तलाक की प्रक्रिया के दौरान उनकी लीगल टीम ने राजा चौधरी और पलक तिवारी के बीच प्रॉपर्टी की संयुक्त हिस्सेदारी का प्रस्ताव रखा था। उनके अनुसार, राजा ने इसे ठुकराते हुए फ्लैट का पूरा मालिकाना हक मांगा और कथित तौर पर कहा कि फ्लैट मिलने पर वह तलाक और बेटी की कस्टडी का दावा छोड़ देंगे।

राजा चौधरी ने सुनाया अपना पक्ष

सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में राजा चौधरी ने कहा कि वर्ष 2007 में दोनों अलग हो गए थे और 2007 से 2012 तक फैमिली कोर्ट में मामला चला। उनका दावा है कि वह हर सुनवाई में मौजूद रहे, जबकि श्वेता बहुत कम बार कोर्ट आईं।

'मुझे बेटी से मिलने नहीं दिया गया'

राजा चौधरी ने दावा किया कि अदालत के आदेश के बावजूद उन्हें अपनी बेटी पलक तिवारी से तय स्थान पर मिलने का अवसर नहीं मिला। उनका आरोप है कि श्वेता तिवारी कभी पलक को निर्धारित स्थान पर लेकर नहीं आईं। हालांकि, इस दावे पर श्वेता तिवारी की ओर से कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

'मुझे सिर्फ रहने के लिए घर चाहिए था'

राजा चौधरी ने कहा कि उस समय वह कई कानूनी मामलों में उलझे हुए थे और उन्हें किराये पर घर तक नहीं मिल रहा था। उनके मुताबिक, उन्होंने केवल वह एक बीएचके फ्लैट मांगा था, जिसमें वह शांति से रह सकें।

उन्होंने यह भी दावा किया कि यह फ्लैट उनकी शादी के दौरान खरीदा गया था। उनके अनुसार, फ्लैट की डाउन पेमेंट उनके पिता ने की थी, जबकि ईएमआई का भुगतान उन्होंने और श्वेता ने मिलकर किया था।

'मैंने बाकी संपत्तियों पर दावा नहीं किया'

राजा चौधरी का दावा है कि उन्होंने दोनों के संयुक्त रूप से खरीदी गई अन्य संपत्तियों में अपने हिस्से का दावा नहीं किया। उनका कहना है कि उन्होंने केवल एक फ्लैट मांगा था और बाकी संपत्तियां श्वेता तिवारी के पास ही रहने दीं।

दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग

फ्लैट और कस्टडी विवाद को लेकर श्वेता तिवारी और राजा चौधरी के बयान एक-दूसरे से अलग हैं। फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

 
 
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