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जल जीवन हरियाली अभियान की 95 फीसदी योजनाएं पूरी, किसानों को मिला बड़ा लाभ

प्रकाशित: 18-06-2026, 07:33 AM
जल जीवन हरियाली अभियान की 95 फीसदी योजनाएं पूरी, किसानों को मिला बड़ा लाभ
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बिहार सरकार के जल जीवन हरियाली अभियान के तहत लघु जल संसाधन विभाग ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विभाग द्वारा स्वीकृत कुल योजनाओं में से करीब 95 प्रतिशत योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह जानकारी लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।

2537 में से 2371 योजनाएं हुईं पूर्ण

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 में शुरू किए गए जल जीवन हरियाली अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 तक कुल 2537 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। इनमें से 2371 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 2.52 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता और 1094 लाख घन मीटर जल संचयन क्षमता का पुनर्स्थापन किया गया है।

नई योजनाओं के लिए 206 करोड़ रुपये का प्रस्ताव

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 206.39 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 154 नई योजनाओं का प्रस्ताव नाबार्ड की स्वीकृति हेतु वित्त विभाग को भेजा गया है। इन योजनाओं के पूरा होने पर लगभग 16,585 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित होगी।

2030 तक बढ़ाया गया अभियान

मंत्री ने कहा कि जल जीवन हरियाली अभियान के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए राज्य सरकार ने इस योजना को वर्ष 2025 से 2030 तक विस्तारित करने का फैसला किया है।

'हर खेत तक सिंचाई का पानी' कार्यक्रम में भी बड़ी प्रगति

'हर खेत तक सिंचाई का पानी' कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 तक कुल 2256 योजनाओं को स्वीकृति मिली थी। इनमें से 1837 योजनाओं का कार्य पूरा कर लिया गया है। इन योजनाओं के जरिए 2.27 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का पुनर्स्थापन हुआ है।

मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना से 35 हजार किसानों को लाभ

डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत राज्य के 35 हजार किसानों को अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई है। इससे करीब 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई सुनिश्चित हो रही है।

भागलपुर, गया और नालंदा में बनेंगे नए चेक डैम

मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान भागलपुर, औरंगाबाद, गया और नालंदा जिलों में चार चेक डैम और दो आहर-पईन निर्माण की घोषणा की गई थी। लगभग 87.05 करोड़ रुपये की लागत वाली इन योजनाओं का कार्य तेजी से चल रहा है। इनके पूरा होने पर करीब 3730 हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित होगी।

भूगर्भ जलस्तर में भी दिखा सकारात्मक असर

मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा संचालित सतही सिंचाई योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव भूगर्भ जल स्तर पर भी देखने को मिला है। विशेष रूप से दक्षिण बिहार के उन क्षेत्रों में, जहां अक्सर सुखाड़ की स्थिति रहती है, वहां पानी पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

5558 सरकारी नलकूप चालू, बंद नलकूपों को भी किया जा रहा दुरुस्त

राज्य में वर्तमान में 5558 सरकारी नलकूप संचालित हैं। साथ ही बंद पड़े नलकूपों को फिर से चालू कराने के लिए भी विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत भेजा गया प्रस्ताव

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 274.83 करोड़ रुपये की लागत वाली 105 योजनाओं का प्रस्ताव केंद्रीय जल आयोग, पटना को भेजा गया है। इन योजनाओं को स्वीकृति मिलने के बाद करीब 21,490 हेक्टेयर नई सिंचाई क्षमता का सृजन होगा।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इन योजनाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना है, ताकि कृषि उत्पादन बढ़े और किसानों की आय में वृद्धि हो।

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