वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
'देश की अखंडता से खिलवाड़ किसी को स्वीकार नहीं'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के भविष्य और उसकी अखंडता के साथ किसी भी व्यक्ति को खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और शिक्षा व्यवस्था को भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
आचार्य चाणक्य, मालवीय जी और डॉ. राधाकृष्णन का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि उन्हें प्रेरणा के लिए कहीं और देखने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि आचार्य चाणक्य, महामना मदन मोहन मालवीय और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे महान शिक्षकों के आदर्श उनके सामने हैं, जिनके जीवन से शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा ली जा सकती है।
'आचार्य चाणक्य जैसा गुरु देश को मजबूत बनाता है'
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज में आचार्य चाणक्य जैसे गुरु होंगे, तो देश कभी कमजोर या विपन्न नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक ही राष्ट्र को इतना सशक्त बनाते हैं कि कोई भी विदेशी शक्ति भारत की ओर गलत नजर से देखने का साहस नहीं कर सकती।
'ऐसा वातावरण बनाने के लिए लगातार प्रयास किए गए'
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने शिक्षा, सुशासन और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया है, जिससे मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।