टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर राय रखने वाली देवोलीना ने इस बार देश में बढ़ते अपराध, न्याय व्यवस्था, छात्रों के भविष्य और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट शेयर किया है। बिना किसी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए उन्होंने कई ऐसे सवाल उठाए, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं।
शासन के उद्देश्य पर उठाया बड़ा सवाल
'साथ निभाना साथिया' और 'बिग बॉस 13' फेम देवोलीना ने बुधवार देर रात अपने एक्स (X) अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि देश का प्रधानमंत्री कौन है, राज्य का मुख्यमंत्री कौन है या सत्ता में कौन-सी पार्टी है। अगर सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित नहीं रख सकती, अपराधों पर नियंत्रण नहीं कर सकती और समय पर न्याय नहीं दिला सकती, तो फिर शासन का वास्तविक उद्देश्य क्या है?" उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
कानून के सामने सभी बराबर क्यों नहीं?
देवोलीना ने अपने पोस्ट में व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रभावशाली लोगों को विशेष सुविधाएं और संरक्षण मिलता रहे, जबकि आम नागरिक असुरक्षा और संघर्ष झेलते रहें, तो कानून के सामने समानता का सिद्धांत कमजोर पड़ जाता है। उन्होंने लिखा कि "अगर आम लोगों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़े और ताकतवर लोगों को विशेष संरक्षण मिले, तो फिर कानून की समानता कहां रह जाती है?"
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
एक्ट्रेस ने देश की सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि भारत बड़े-बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सक्षम है, लेकिन आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कई बार व्यवस्था कमजोर नजर आती है। उन्होंने सवाल किया, "जब हम सीमाओं की रक्षा और जटिल सुरक्षा अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं, तो अपने ही शहरों में लोगों को अपराध से सुरक्षित रखने में कठिनाई क्यों होती है?"
छात्रों के भविष्य और भ्रष्टाचार पर जताई चिंता
देवोलीना ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि किसी की लापरवाही या भ्रष्टाचार से छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने लिखा, "जो लोग भ्रष्टाचार या लापरवाही से छात्रों का भविष्य खतरे में डालते हैं, उन्हें पूरी तरह जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया जाता?"
न्याय मिलने में देरी पर उठाए सवाल
अपने पोस्ट में देवोलीना ने न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कई गंभीर मामलों में पीड़ित परिवारों को वर्षों तक इंसाफ का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने लिखा, "ऐसा क्यों होता है कि बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराधों के आरोपी कई बार सजा से बच निकलते हैं, जबकि पीड़ित परिवार सालों तक न्याय का इंतजार करता रहता है?"
लोकतंत्र में सवाल पूछना भी जरूरी
एक्ट्रेस ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अधिकार है। उनका मानना है कि व्यवस्था पर सवाल उठाने वालों को डराने या दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।उन्होंने लिखा, "जब कोई नागरिक व्यवस्था पर सवाल उठाता है, तो उसे विरोध या दबाव का सामना क्यों करना पड़ता है, जबकि पीड़ितों को न्याय मिलने में वर्षों लग जाते हैं?"
'जनसेवा हो राजनीति का मकसद'
अपने पोस्ट के अंत में देवोलीना ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि जनसेवा होना चाहिए। उन्होंने लिखा, "हाईवे, पुल और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जरूरी हैं, लेकिन उनसे भी ज्यादा जरूरी नागरिकों की सुरक्षा, समय पर न्याय और शासन पर लोगों का भरोसा है। कोई भी देश तब तक वास्तविक प्रगति नहीं कर सकता, जब तक उसके नागरिक डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हों।" देवोलीना का यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।