ललितपुर के चिकलौआ गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मृतक शिक्षक के बेटे की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर तत्कालीन एसपी एलबी एंटोनी देव कुमार समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं इस कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
एसपी कार्यालय का किया गया घेराव
रिटायर्ड शिक्षक की मौत के बाद उनके समर्थकों में आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में समर्थकों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और मामले में कार्रवाई की मांग उठाई।
समर्थकों का आरोप है कि शिक्षक लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे और इसी वजह से उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया।
24 साल पुराने एससी/एसटी मामले से परेशान थे शिक्षक
बताया जा रहा है कि राजाराम गोस्वामी वर्ष 2002 में दर्ज हुए एक एससी/एसटी एक्ट के मामले को लेकर मानसिक तनाव में थे। सुसाइड नोट में उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुकदमा झूठा था और उन्हें फंसाया गया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान थाना बार में उनके साथ प्रताड़ना की गई थी, जिसके कारण वह काफी परेशान थे।
सुसाइड से पहले बेटे से की थी बात
परिजनों के मुताबिक, आत्महत्या करने से पहले राजाराम गोस्वामी ने अपने बेटे से बातचीत की थी और इसके बाद सुसाइड नोट लिखा था। इसके बाद उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी।
घटना के बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
बेटे की शिकायत पर आगे बढ़ी जांच
पुलिस ने बेटे की तहरीर और सुसाइड नोट को आधार बनाते हुए मामला दर्ज किया है। अब जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।