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औरंगाबाद सदर अस्पताल में शुरू हुई MNCU और LMU की सुविधा, अब मां की गोद ही बनेगी नवजात का वार्मर

प्रकाशित: 11-07-2026, 09:45 AM
औरंगाबाद सदर अस्पताल में शुरू हुई MNCU और LMU की सुविधा, अब मां की गोद ही बनेगी नवजात का वार्मर
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बिहार के औरंगाबाद सदर अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। केंद्र और राज्य सरकार की योजना के तहत अस्पताल में मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) और लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट (LMU) का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही औरंगाबाद, बिहार का चौथा जिला बन गया है जहां यह आधुनिक सुविधा शुरू की गई है।

अब मां और नवजात रहेंगे एक साथ

अब तक स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में केवल समय से पहले जन्मे या बीमार नवजातों को रखा जाता था। नई MNCU व्यवस्था के तहत मां और नवजात दोनों एक साथ रह सकेंगे। इससे नवजात की देखभाल बेहतर तरीके से हो सकेगी और मां-बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत होगा।

'कंगारू मदर केयर' से मिलेगा लाभ

अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्लकांत कुमार ने बताया कि पहले नवजात के शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए मशीनों का उपयोग किया जाता था। अब कंगारू मदर केयर (Kangaroo Mother Care) पद्धति के तहत मां की त्वचा के संपर्क से ही बच्चे को प्राकृतिक गर्माहट मिलेगी। इससे नवजात के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होने की उम्मीद है।

तीन महीने तक सुरक्षित रहेगा मां का दूध

लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट (LMU) की मदद से अब उन नवजातों के लिए भी मां का दूध सुरक्षित रखा जा सकेगा, जो बीमारी के कारण तुरंत स्तनपान नहीं कर पाते। विशेष उपकरणों की सहायता से मां का दूध निकालकर तीन महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा और बच्चे के स्वस्थ होने पर उसे वही दूध पिलाया जाएगा।

'मां का दूध बच्चे का पहला टीका'

केयर टेकर मिस मेहता ने बताया कि मां का दूध नवजात के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषण है। उनके अनुसार, मां का दूध केवल भोजन नहीं बल्कि बच्चे का पहला टीका भी है, जिसमें मौजूद पोषक तत्व और प्रतिरक्षा क्षमता कई गंभीर बीमारियों से नवजात की रक्षा करती है।

इलाज के बाद स्वस्थ हुआ नवजात

MNCU में भर्ती लाभार्थी अनीता कुमारी ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे को एक निजी अस्पताल में जन्म दिया था। जन्म के बाद बच्चा न रो रहा था और न ही दूध पी रहा था। उन्होंने बताया कि औरंगाबाद सदर अस्पताल में तीन दिन तक इलाज मिलने के बाद अब उनका बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य रूप से दूध पी रहा है।

नवजात मृत्यु दर कम करने की दिशा में अहम कदम

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि MNCU और LMU की शुरुआत से जिले में नवजात मृत्यु दर कम करने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि इस सुविधा का लाभ सभी जरूरतमंद माताओं और नवजातों को उपलब्ध कराया जाएगा।

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