झारखण्ड/पलामू। नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) के कॉन्फ्रेंस हॉल में बुधवार, 12 अगस्त 2026 को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन (APF) स्कॉलरशिप योजना को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन उच्च शिक्षा निदेशालय, रांची के सहयोग से APF के तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों के अलावा B.Ed, LLB और Nursing महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया।
कार्यशाला का शुभारंभ नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) दिनेश कुमार सिंह एवं कुलसचिव डॉ. नफीस अहमद ने किया। इस दौरान छात्राओं को प्रदान की जाने वाली स्कॉलरशिप की राशि, पात्रता एवं योजना से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
APF के तकनीकी विशेषज्ञों मृत्युंजय रत्नाकर, अशोक कुमार, सन्नी भगत, मिथलेश कुमार, आईहा, रिधो, रचिता, मनोज, सूरज, रंजीत, बृजेश एवं पवन ने कार्यशाला में मौजूद प्राचार्यों को स्कॉलरशिप योजना के संबंध में तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी। विशेषज्ञों ने छात्राओं तक योजना का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया और आवश्यक जानकारी से महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया।
पलामू, गढ़वा और लातेहार के करीब 42 महाविद्यालयों की भागीदारी
कार्यशाला में पलामू, गढ़वा एवं लातेहार जिले के विभिन्न अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों के साथ-साथ B.Ed एवं LLB कॉलेजों के करीब 42 प्राचार्यों ने भाग लिया। इनमें G.L.A. कॉलेज की प्राचार्या डॉ. जसबीर बग्गा, जे.एस. कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार पासवान, YSNM कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मोहिनी गुप्ता, गढ़वा महिला कॉलेज की डॉ. संयुक्ता सिंह, नगर उंटारी के प्राचार्य, भवनाथपुर मॉडल कॉलेज के डॉ. विभेष चौबे, छत्तरपुर मॉडल कॉलेज के डॉ. रविशंकर, SPD कॉलेज के डॉ. निकलेश चौबे, B.Ed कॉलेज के डॉ. रणविजय सिंह, Kumaresh International B.Ed के प्राचार्य डॉ. विकास चंद्र मिश्रा तथा इंदर सिंह B.Ed कॉलेज, गढ़वा के प्राचार्य डॉ. दीपक चौबे सहित अन्य प्राचार्य शामिल हुए।
छात्राओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने पर जोर
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं संबंधित पदाधिकारियों को स्कॉलरशिप योजना की पूरी जानकारी उपलब्ध कराना रहा, ताकि पात्र छात्राओं तक योजना का लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सके। विशेषज्ञों ने स्कॉलरशिप से संबंधित प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए महाविद्यालयों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों की ओर से योजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली गई तथा विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई। इससे महाविद्यालयों के स्तर पर छात्राओं को योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता बढ़ी।
कार्यशाला के समापन अवसर पर नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. एस.के. पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कार्यशाला में शामिल सभी प्राचार्यों, APF के तकनीकी विशेषज्ञों एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।