पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार के कथित "खजाना लूट" और रिशु श्री प्रकरण को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में सामने आए तथ्यों के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है और पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास हो रहा है।
'प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही सरकार की खुलती है नींद'
सुधाकर सिंह ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने आनंद किशोर के कथित संबंधों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के एडीजी पंकज दराड़ का तबादला कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार की नींद तभी खुलती है जब विपक्ष प्रेस कॉन्फ्रेंस करता है।
चैट का हवाला देकर लगाए गंभीर आरोप
राजद सांसद ने दावा किया कि रिशु श्री और संतोष कुमार मल के बीच हुई कथित चैट सामने आई है। उन्होंने कहा कि चैट में संतोष कुमार मल ने लिखा है कि रिशु श्री ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चैट में "मेरे ऊपर दबाव है" जैसी बातें लिखी गई हैं। सुधाकर सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर यह दबाव किसका था।
'5 किलो' का जिक्र क्या था?
सुधाकर सिंह ने कहा कि चैट में "5 किलो" देने का भी जिक्र है। उन्होंने सवाल किया कि यह "5 किलो" सोना था या नकदी? उनका आरोप है कि इस पहलू की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नहीं की।
सेवा विस्तार और अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल
राजद सांसद ने आरोप लगाया कि कई अधिकारियों को सेवा विस्तार देने के मामले में भी गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मंत्री से हस्ताक्षर कराकर सेवा विस्तार कराया गया और रातों-रात संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी) बदलकर फाइल आगे बढ़ाई गई। उन्होंने तारिणी दाश के सेवा विस्तार की भी जांच कराने की मांग की।
ED की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
सुधाकर सिंह ने सवाल किया कि यदि इतने गंभीर आरोप और कथित साक्ष्य मौजूद हैं, तो ईडी ने जयंत राज और आनंद किशोर को समन क्यों नहीं भेजा। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों पर किसी का दबाव है, जिसके कारण बड़े अधिकारियों से पूछताछ नहीं की जा रही है, जबकि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
'विधानसभा और संसद में उठाएंगे मुद्दा'
राजद सांसद ने आरोप लगाया कि आर्थिक अपराध इकाई इस पूरे मामले में लीपापोती करना चाहती है और सरकार के प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को बिहार विधानसभा और संसद, दोनों सदनों में जोरदार तरीके से उठाएगी।