बाढ़ अनुमंडल के मसत्थु गांव के करीब 1,500 ग्रामीणों ने सड़क और नाला निर्माण नहीं होने को लेकर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों से वे बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
730 ईमेल और 675 आवेदन भेजने का दावा
ग्रामीणों का दावा है कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को 730 ईमेल और 675 आवेदन भेजे, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
अतिक्रमण से रुका निर्माण कार्य
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण होने के कारण सड़क और नाला निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि कई बार सड़क की नापी कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक संबंधित अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
मुखिया प्रतिनिधि ने उठाए सवाल
मुखिया प्रतिनिधि कन्हैया सिंह ने कहा कि यदि सड़क की जमीन की नापी कराकर सीमांकन कर दिया जाए, तो मुखिया निधि से सड़क निर्माण का प्रयास किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बार-बार शिकायतों के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
स्कूली छात्र-छात्राओं को हो रही परेशानी
गांव की एक छात्रा ने बताया कि जर्जर सड़क और नाले के कारण स्कूल आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि कई बार फिसलकर गिर चुकी हैं, जिससे चोट भी लगी और गंदे कपड़ों के कारण स्कूल में परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने की शीघ्र कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की नापी, अतिक्रमण हटाने और सड़क व नाला निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गांव के लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।