बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'बंटवारा 1947' को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में फिल्म का टीजर रिलीज हुआ, जिसे दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला। लेकिन इसी बीच सनी देओल एक बार फिर अपने 18 साल पुराने कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी अपील बहाल करने की अनुमति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म निर्माता सुनील दर्शन और सनी देओल के बीच चल रहे पुराने कानूनी विवाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सुनील दर्शन को अपने पुराने केस की अपील दोबारा शुरू करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, इसके साथ ही अदालत ने उन पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद साल 2008 में बनने वाली फिल्म 'गुड मॉर्निंग इंडिया' से जुड़ा है। सुनील दर्शन का आरोप है कि सनी देओल ने फिल्म करने के लिए हामी भरने के बाद बीच में ही प्रोजेक्ट छोड़ दिया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
20 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा
सुनील दर्शन ने दावा किया था कि सनी देओल के फिल्म छोड़ने की वजह से उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। इसी आधार पर उन्होंने अभिनेता के खिलाफ 20 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था।
2015 में खारिज हुई थी याचिका
इस मामले में पहले भी सुनवाई हो चुकी है। साल 2015 में सुनील दर्शन की याचिका खारिज कर दी गई थी। हालांकि अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी अपील को फिर से बहाल करने की अनुमति दे दी है, जिसके बाद यह मामला एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा।
अभी किसी पक्ष के हक में फैसला नहीं
गौर करने वाली बात यह है कि हाई कोर्ट के इस आदेश का मतलब यह नहीं है कि अदालत ने किसी एक पक्ष के पक्ष में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने केवल अपील पर दोबारा सुनवाई की अनुमति दी है। अब आने वाले समय में इस मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और अदालत में दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे।