कांवड़ यात्रा के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी का दिल छू लिया। मोदीनगर से हरिद्वार पहुंचे एक दंपति की आस्था, प्रेम और समर्पण की कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। अपनी दिव्यांग पति की भगवान शिव के प्रति श्रद्धा को पूरा करने के लिए एक महिला उन्हें कंधों पर बैठाकर करीब 180 किलोमीटर की यात्रा तय कर रही है।
आस्था के साथ निभा रहीं जीवनसाथी का साथ
यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि पति-पत्नी के अटूट विश्वास और समर्पण की भी मिसाल बन गई है। महिला हर कदम पर अपने दिव्यांग पति का सहारा बनकर उनके साथ यात्रा पूरी कर रही हैं, ताकि दोनों भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकें।
राहगीरों का मिल रहा उत्साहवर्धन
कांवड़ यात्रा के दौरान इस दंपति को देखकर राहगीर रुककर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। कई श्रद्धालु उनकी यात्रा की सफलता और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना भी कर रहे हैं।
प्रेम, विश्वास और समर्पण की अनूठी मिसाल
यह अनोखी यात्रा इस बात का संदेश देती है कि सच्चे रिश्ते परिस्थितियों से नहीं, बल्कि एक-दूसरे के साथ निभाने के संकल्प, विश्वास और प्रेम से मजबूत होते हैं। इस दंपति की कहानी कांवड़ यात्रा में आस्था के साथ मानवीय संवेदनाओं की भी एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई।