भरत भूषण तिवारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान करने वाली उनकी मां आशा देवी ने फिलहाल अपना निर्णय स्थगित कर दिया है। उन्होंने बताया कि लगातार बिगड़ती तबीयत के कारण 9 जुलाई से प्रस्तावित भूख हड़ताल को कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है।
23 दिनों से न्याय की लड़ाई जारी
आशा देवी ने कहा कि वह पिछले 23 दिनों से अपने बेटे को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रही हैं। इस दौरान लगातार मानसिक और शारीरिक तनाव के कारण उनके स्वास्थ्य में गिरावट आई है, जिसके चलते डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने फिलहाल भूख हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया है।
'अपराधियों की गिरफ्तारी तक संघर्ष जारी रहेगा'
आशा देवी ने स्पष्ट किया कि भूख हड़ताल स्थगित करने का अर्थ यह नहीं है कि उनका आंदोलन समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
न्याय नहीं मिला तो परिवार के साथ करेंगी आमरण अनशन
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले दिनों में भी उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह पूरे परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठेंगी। उन्होंने कहा कि अनशन शुरू करने से पहले इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा और मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी भी साझा की जाएगी।
प्रशासन से न्याय की उम्मीद
आशा देवी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही मामले में प्रभावी कार्रवाई करेगा और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपने बेटे के लिए न्याय सुनिश्चित करना है।