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Abhigyan App कैसे करता है काम? 15 अगस्त पर लाल किले की सुरक्षा में करेगा मदद

प्रकाशित: 13-08-2026, 01:46 PM
Abhigyan App कैसे करता है काम? 15 अगस्त पर लाल किले की सुरक्षा में करेगा मदद
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15 अगस्त 2026 को जब देश के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे, तब समारोह स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहेगी। इस बार सुरक्षा में सिर्फ पुलिस बल ही नहीं, बल्कि AI और मॉडर्न तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। लाल किले पर बड़ी संख्या में VIP, VVIP और आम दर्शकों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां Abhigyan App का इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि अभिज्ञान ऐप क्या है, कैसे काम करता है और 15 अगस्त पर यह सुरक्षा एजेंसियों की कैसे मदद करेगा।

क्या है Abhigyan App?

Abhigyan App को 'राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो' यानी NCRB की ओर से तैयार किया गया है। यह ऐप पुलिस और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को मौके पर ही किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान और उसके फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड की जांच करने में मदद करता है। इसके लिए सुरक्षाकर्मियों को हैंडहेल्ड बायोमेट्रिक डिवाइस और पोर्टेबल फिंगरप्रिंट स्कैनर दिए जा सकते हैं। किसी व्यक्ति पर संदेह होने पर अधिकृत पुलिसकर्मी मौके पर ही उसका फिंगरप्रिंट स्कैन कर सकते हैं और उपलब्ध डेटाबेस में उसका मिलान कर सकते हैं। यहां एक जरूरी बात यह है कि Abhigyan App को खास तौर पर 15 अगस्त की सुरक्षा के लिए लॉन्च नहीं किया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे 19 जून 2026 को लॉन्च किया था। अब इसका इस्तेमाल पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।

कैसे काम करता है Abhigyan App?

Abhigyan ऐप फिंगरप्रिंट आधारित पहचान प्रक्रिया में पुलिस की मदद करता है। फिंगरप्रिंट स्कैन होने के बाद उपलब्ध रिकॉर्ड से उसका मिलान किया जाता है। इससे पुलिसकर्मियों को किसी व्यक्ति की पहचान से जुड़ी जानकारी तेजी से हासिल करने में मदद मिल सकती है। यह तकनीक खास तौर पर ऐसे मामलों में उपयोगी है, जहां किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान तुरंत करना जरूरी हो। हालांकि, ऐप के जरिए मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई अधिकृत सुरक्षा एजेंसियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती है।

लाल किले पर क्यों हो रहा है इस्तेमाल?

15 अगस्त जैसे बड़े और संवेदनशील कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच हर संदिग्ध व्यक्ति को जांच के लिए पुलिस स्टेशन ले जाना आसान नहीं होता। ऐसे में Abhigyan App पुलिस को मौके पर ही फिंगरप्रिंट के जरिए पहचान संबंधी जांच करने में मदद कर सकता है। इससे भीड़ में मौजूद किसी संदिग्ध व्यक्ति या आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति की पहचान की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा एजेंसियां इसके आधार पर आगे की जांच और कार्रवाई कर सकती हैं।

15 अगस्त पर कैसे सुरक्षा में करेगा मदद?

लाल किले और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए CCTV कैमरों के साथ Facial Recognition System (FRS) जैसी तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से लैस FRS वैन भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं। ये सिस्टम भीड़ में चेहरों को स्कैन करके उपलब्ध डेटाबेस से उनका मिलान करने में मदद करते हैं। किसी वांटेड या संदिग्ध व्यक्ति की पहचान होने पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया जा सकता है और कंट्रोल रूम तक जानकारी पहुंचाई जा सकती है। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। यानी इस बार लाल किले की सुरक्षा में पुलिस बल के साथ CCTV, फेशियल रिकग्निशन, बायोमेट्रिक तकनीक और एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में Abhigyan App सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक अतिरिक्त तकनीकी टूल के तौर पर काम करेगा, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और फिंगरप्रिंट आधारित जांच को मौके पर ही तेज किया जा सकेगा।

टैग्स: #Independence Day 2026
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