गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर (AC) लगभग हर घर की जरूरत बन चुका है। लेकिन ठंडक के साथ-साथ यह बिजली का बिल भी बढ़ा देता है। कई लोग जल्दी कूलिंग पाने के लिए AC को 18°C या 20°C पर सेट कर देते हैं, जिससे बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर AC को 23°C या 24°C पर चलाया जाए तो अच्छी कूलिंग के साथ बिजली की भी बचत हो सकती है।
कम तापमान पर क्यों बढ़ता है बिजली बिल?
जब AC को 18°C या 20°C पर सेट किया जाता है, तो कंप्रेसर को कमरे को ज्यादा ठंडा करने के लिए लंबे समय तक लगातार काम करना पड़ता है। इससे बिजली की खपत बढ़ जाती है। वहीं 23°C या 24°C पर AC को कमरे का तापमान बनाए रखने के लिए कम मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत कम हो सकती है।
सिर्फ 1 डिग्री बढ़ाने से हो सकती है बचत
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, AC के तापमान में हर 1 डिग्री की बढ़ोतरी से करीब 6 प्रतिशत तक बिजली की बचत हो सकती है। यानी अगर आप 22°C की जगह 23°C पर AC चलाते हैं, तो हर महीने बिजली बिल में अच्छी-खासी कमी आ सकती है।
24°C को क्यों माना जाता है सबसे सही तापमान?
विशेषज्ञों का मानना है कि 24°C पर अधिकांश लोगों को पर्याप्त ठंडक मिलती है और बिजली की खपत भी नियंत्रित रहती है। कई लोगों की यह गलतफहमी होती है कि 18°C पर AC सेट करने से कमरा जल्दी ठंडा हो जाएगा। जबकि वास्तव में AC की कूलिंग स्पीड नहीं बढ़ती, बल्कि वह लंबे समय तक चलता रहता है और ज्यादा बिजली खर्च करता है।
बिजली बिल कम करने के आसान तरीके
अगर आप AC का इस्तेमाल करते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें, तो बिजली की खपत काफी कम की जा सकती है।
- कमरे के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें ताकि ठंडी हवा बाहर न निकले।
- AC के फिल्टर की नियमित सफाई करें। गंदा फिल्टर बिजली की खपत बढ़ा सकता है।
- कमरे में सीधी धूप आने से रोकने के लिए पर्दों या ब्लाइंड्स का इस्तेमाल करें।
AC के साथ Ceiling Fan भी चलाएं
विशेषज्ञों का कहना है कि AC के साथ सीलिंग फैन चलाने से ठंडी हवा पूरे कमरे में तेजी से फैलती है। इससे AC को बहुत कम तापमान पर चलाने की जरूरत नहीं पड़ती और बिजली की बचत होती है। 24°C पर AC और साथ में पंखा चलाने का तरीका सबसे प्रभावी माना जाता है।
नया AC खरीद रहे हैं तो Inverter AC चुनें
अगर आप नया AC खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Inverter AC बेहतर विकल्प हो सकता है। इन्वर्टर तकनीक वाला AC जरूरत के अनुसार कंप्रेसर की स्पीड को कम या ज्यादा करता है। इससे बिजली की खपत कम होती है और लंबे समय में बिजली बिल पर भी अच्छा असर पड़ता है।