स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत अयोध्या में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। गांधी पार्क के सामने से शुरू हुई यात्रा का शुभारंभ राज्यसभा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने किया। हजारों भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए।
वंदे मातरम् और भारत माता की जय से गूंजा अयोध्या
तिरंगा यात्रा सिविल लाइंस से होते हुए चौक घंटाघर तक पहुंची। इस दौरान कार्यकर्ता और समर्थक ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते नजर आए। पूरे रास्ते देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
‘अयोध्या में तिरंगा यात्रा का खास महत्व’
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अयोध्या में तिरंगा यात्रा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि यहां भगवान श्रीराम की मर्यादा और तिरंगे का स्वाभिमान दोनों जुड़े हैं। उन्होंने राष्ट्र सम्मान के साथ जातिवाद, संप्रदायवाद और क्षेत्रवाद की सीमाओं से ऊपर उठकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने की बात कही।
संतों के सम्मान पर डॉ. शर्मा का बयान
सनातन धर्म और साधु-संतों के सम्मान को लेकर डॉ. शर्मा ने कहा कि सरकार का सिद्धांत स्पष्ट है—दोषी को संरक्षण नहीं और निर्दोष का अपमान नहीं। उन्होंने कहा कि साधु-संत देव तुल्य हैं और किसी एक मामले के आधार पर पूरे संत समाज को बदनाम नहीं किया जा सकता। दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष संतों का अपमान नहीं होना चाहिए।
राम मंदिर और कारसेवकों के बलिदान का किया जिक्र
राम मंदिर को लेकर डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि राम जन्मभूमि की तपस्या और कारसेवकों के बलिदान को कलंकित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सनातन का संदेश किसी समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने का है।
‘जनता चुनाव में देगी जवाब’
डॉ. शर्मा ने कहा कि साधु-संतों के खिलाफ अशिष्ट भाषा का इस्तेमाल करने वालों को जनता चुनाव में जवाब देगी। उन्होंने राष्ट्र की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर जोर दिया।
भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता हुए शामिल
तिरंगा यात्रा में अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, बीकापुर और मिल्कीपुर विधायक, भाजपा जिला अध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल रहे।