बेलछी प्रखंड की दरवेशपुरा पंचायत के दल्लोचक में एक पुल पिछले करीब तीन महीने से टूटा पड़ा है। यह पुल करीब 150 घरों में रहने वाले लगभग 2,000 लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख और एकमात्र साधन था। पुल टूटने के बाद ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों ने खुद बनाया चचरी का पुल
आवागमन की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने खुद ही जुगाड़ का सहारा लेकर चचरी का पुल तैयार कर लिया। अब इसी अस्थायी पुल के जरिए लोग रोजाना आने-जाने को मजबूर हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए यह रास्ता जोखिम भरा बना हुआ है।
शिकायत के बावजूद अधिकारी नहीं पहुंचे
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल टूटने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से दी गई। इसके बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर पुल की स्थिति का जायजा नहीं लिया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
13 मई को टूटा था पुल, 8 लोग हुए थे घायल
ग्रामीणों के मुताबिक 13 मई 2026 को पुल उस वक्त टूट गया था, जब उस पर करीब 8 से 10 लोग मौजूद थे। हादसे में लगभग आठ लोग घायल हो गए थे। घायलों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल, बाढ़ ले जाया गया था।
तीन महीने बाद भी नहीं शुरू हुआ निर्माण
हादसे के करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद पुल की मरम्मत या नए निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से टूटे पुल का जल्द से जल्द निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि चचरी का अस्थायी पुल उनकी मजबूरी है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। ग्रामीण चाहते हैं कि जल्द पुल का निर्माण हो, ताकि करीब 150 घरों के 2,000 लोगों को जोखिम भरे आवागमन से राहत मिल सके।